प्रशिक्षित नन्हें छात्रों ने गीत, संगीत व नृत्य की दी प्रस्तुति।

आयोजन को लेकर पालकों में भी दिखा उत्साह, शिविर की सराहना की।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 16 मई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कलात्मक शिविर (निःशुल्क समर कैंप) का समापन 16 मई को कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया था। समापन समारोह में कुलपति डॉ. शर्मा ने कहा कि ललित कला के प्रति इन छोटे बच्चों में बड़ी ललक है, पालकगण भी बड़े उत्साह से इन बच्चों को प्रतिदिन विश्वविद्यालय लाते और ले जाते रहे हैं। कम समय में भी हमारे गायन, वादन, नृत्य, मूर्तिकला व चित्रकला के गुणी शिक्षकों एवं संगीतकारों व शोधार्थीगणों ने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा दी। उन्होंने सभी छात्रों को अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आवश्यकता पड़ने पर हमेशा बच्चों का सहयोग करने की बात कही। उन्होंने सफल आयोजन के लिए प्रो. राजन यादव को साधुवाद दिया। शिविर में विश्वविद्यालय के गोद ग्राम दिलीपपुर, कोहकाबोड़, देवारीभाट के अलावा खैरागढ़ नगर एवं आसपास ग्रामीण क्षेत्र के कक्षा चौथी से लेकर दसवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें भरतनाट्यम विभाग में 13, कत्थक में 31, लोक संगीत में 16, मूर्तिकला में 32, तबला में 45, गायन में 13 तथा चित्रकला में 116 स्कूली विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से मन मोहा
समारोह में तबला वादन के प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने सामूहिक तबला वादन की प्रस्तुति दी। इसके बाद गायन विभाग के प्रशिक्षुओं ने सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। सामूहिक गीत के बाद भरतनाट्यम एवं कथक विभाग के प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। अंत में लोक संगीत के प्रशिक्षार्थियों द्वारा पंथी गीत एवं सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी गई। उक्त सभी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा एवं तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा प्रेक्षागृह गूंज उठा। प्रशिक्षार्थियों की प्रस्तुति के बाद कुलपति ने सभी छात्रों को प्रमाण पत्र का वितरण किया। वहीं गर्मी के मौसम में कड़ी धूप से बचने के लिए बच्चों को सफेद रंग की टोपी का भी वितरण किया गया। प्रमाण पत्र लेकर बच्चों के चेहरे खिल उठे मानो उन्हें जीवन का कोई अमूल्य उपहार मिल गया हो। कलात्मक शिविर की पालकों ने खूब प्रशंसा की और कुलपति सहित पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया। कार्यक्रम के पश्चात कुलपति डॉ. शर्मा ने मूर्तिकला एवं चित्रकला विभाग के प्रशिक्षित विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और खूब प्रशंसा की।
समापन समारोह में अधिष्ठातागण प्रो. मृदुला शुक्ल, प्रो. नीता गहरवार, प्रो. नमन दत्त एवं डॉ.मानस साहू के अलावा विभाग अध्यक्ष, शिक्षकगण, ग्रामीणजन, नगरवासी एवं शोधार्थी सहित बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुलसचिव प्रेम कुमार पटेल, सहायक कुलसचिव विजय सिंह, संदीप किंडो, छगेंद्र उसेंडी, अमित सिंह व कन्हैया यादव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवमाईत मिंज एवं आभार व्यक्त प्रो. राजन यादव ने किया।

