बिहार में आपदा प्रबंधन के लिए नए आयाम – सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम से बढ़ेगी जनसुरक्षा।
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)09 मई।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभाकक्ष में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री विजय कुमार मण्डल का आगमन हुआ। इस अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत, सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्रा, नरेंद्र कुमार सिंह और प्रकाश कुमार उपस्थित रहे। अतिथि का स्वागत भाषण प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान द्वारा दिया गया।
उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न क्षमता वर्धन और जन जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर मंत्री विजय कुमार मण्डल ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है और इसमें सभी लोग मिलकर सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा संचालित कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने बिहार में डूबने की घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और उन्हें आपदा के समय सहायता प्रदान करना है।
मंत्री ने देश के वीर जवानों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारे सैनिक सीमाओं पर तैनात होकर हमारे देश की सुरक्षा कर रहे हैं। हम सभी देशवासियों की ओर से उन्हें सलाम करते हैं। हमारे देश की सुरक्षा सुनिश्चित है क्योंकि हमारे रक्षक सीमाओं पर मुस्तैद हैं। हमें उनके साहस और समर्पण पर गर्व है। आपदा प्रबंधन के कार्य में सभी का सहयोग आवश्यक है। हम सबका दायित्व है कि एकजुट होकर बिहार के विकास में योगदान दें।”
बैठक के दौरान मंत्री ने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
प्रमुख योजनाएँ
सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम:अब लगभग 20,000 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिसमें लड़कियों की भागीदारी भी सराहनीय है।
सामुदायिक स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम।
भूकंपरोधी घर निर्माण के लिए राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम।
जीविका दीदियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम।
मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम: सुरक्षित शनिवार के माध्यम से स्कूली बच्चों में आपदा से बचाव के जागरूकता।
वज्रपात से बचाव के लिए नीतीश पेंडेंट: आईआईटी पटना के सहयोग से निर्मित।
बाढ़ सुरक्षा कार्य योजना निर्माण: डिजिटल ट्विंस तकनीक का उपयोग।
आपदा पूर्व तैयारी: इसरो के सहयोग से सैटेलाइट डाटा का उपयोग।
त्वरित प्रतिक्रिया: बीएसडीआरएन ऐप के माध्यम से।
ए.आर.वी.आर. तकनीक: आपदा के समय प्रतिक्रिया देने हेतु जागरूकता बढ़ाने का कार्यक्रम।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि बिहार में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के प्राधिकरण के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य बना, जहाँ डूबने से बचाव के लिए व्यापक पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। आज हमारे प्रशिक्षित युवा तैराक न केवल तैराकी कौशल में निपुण हो चुके हैं, बल्कि वे समाज के लिए जीवनरक्षक योद्धा के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं। उनके इस अद्वितीय योगदान से डूबने की घटनाओं में कमी आई है और राज्य की सेवा में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है।
इस अवसर पर प्राधिकरण के विशेष सचिव, अवर सचिव एवं सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन संदीप कमल ने किया।

