
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 मई।महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय यम और नियम रहा। इसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्या प्रो. मीना कुमारी द्वारा किया गया। प्रधानाचार्या ने कहा- यम, सामाजिक नैतिकता के सिद्धांत हैं जो हमें दूसरों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए, की सीख देते हैं।जैसे अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह.। नियम व्यक्तिगत अनुशासन के सिद्धांत हैं जो हमें अपने स्वयं के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए, बताते हैं-जैसे शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधान। दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता कुमारी ने कहा कि यम और नियम योग के नैतिक दिशा-निर्देश हैं जो पतंजलि के अष्टांगिक मार्ग में बताए गए हैं। यम और नियम का पालन करने से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से लाभ होता है। ये हमें एक स्वस्थ और नैतिक जीवन जीने में मदद करते हैं और हमें आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की ओर ले जाते हैं। संगोष्ठी में छात्राओं ने अपने-अपने विचार रखें। कार्यक्रम में डॉ. निवेदिता, डॉ शिखा, अमरेश कुमार, शिव स्वरूप, पूनम कुमारी तथा अन्य शिक्षकों की उपस्थित रहीं।
