
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)30 अप्रैल।जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की “शासी निकाय समिति” एवं जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 70 साल से ऊपर के सभी व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के जिलाधिकारी ने निर्देश दिए उन्होंने कहा व्यक्ति को 5 लाख तक का मुक्त इलाज मिलेगा आयुष्मान की कैटेगरी में आने वाले व्यक्तियों को कार्ड बनाकर उन्हें स्वास्थ्य उपचार दिया जाए जो अस्पताल पैनल में है वह गुणवत्ता के साथ उपचार दें जनपद में 12194 कार्ड 70 वर्ष से उम्र के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं 68 करोड़ के सापेक्ष 40 करोड रुपए तक का भुगतान अस्पतालों का कर दिया गया है।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भुगतान समय से करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा महिला नसबंदी का लक्ष्य आशाओं को दिया जाए और इसके प्रति गांव में जागरूकता अभियान भी चलाये जाने के निर्देश दिए आरबीएसके की टीम फील्ड में अवश्य जाएं । पीसी पीएनडीटी के अंतर्गत अल्ट्रासाउंड सैंटरो की रेंडम चेकिंग की जाए । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपरौली के कार्यों में सुधार करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि सभी पैरामीटर में सुधार करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा छपरौली विकासखंड किसी भी कार्य में अच्छी प्रगति पर नहीं है इसमें आवश्यक सुधार होने चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केदो में खाना नहीं दिया जा रहा है यह इनमें कैंटीन संचालित नहीं है ऐसे स्थान पर प्रेरणा कैंटीन खोली जाए प्रत्येक सप्ताह चार-पांच डिलीवरी हुए जाने के भी निर्देश दिए उन्होंने कहा कि मेंटल हेल्थ के कैंप अवश्य लगाए जाएं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच) कवरेज में वृद्धि करने और सुरक्षित प्रसव सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर आवश्यक निर्देश दिए।
डिलेवरी होने के तत्काल बाद 48 घंटे के बाद ही छुट्टी की जाए। 1800 किलोग्राम के बच्चे को जिला अस्पताल में अवश्य रेफर किया जाए जिससे कि उसका ऑब्जरवेशन कर उसकी अच्छी देखभाल की जा सके और सामान्य होने पर उसकी छुट्टी कर दी जाएं अशा व एएनएम में काम से कम 14 दिन बच्चा अवश्य रखा जाए आशा म के द्वारा इस कार्य में कोई भी लापरवाही ना की जाए। रास्ते ट्रैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में भी जिलाधिकारी में समीक्षा की ओर संबंधित को आवश्यक निर्देश दिए उन्होंने का फीवर के जितने कैसे आ रहे हैं उनकी मलेरिया की जांच भी अवश्य कराई जाए।
टीकाकरण अभियान के अंतर्गत नियमित टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, कुपोषण उन्मूलन आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और गंभीर कुपोषित बच्चों (SAM) के प्रबंधन के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) – गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सहायता राशि के वितरण की स्थिति पर सुधार करने के निर्देश दिए।स्वच्छता एवं पेयजल आपूर्ति सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसंख्या स्थिरीकरण कार्यक्रम परिवार नियोजन उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया उन्होंने कहा फैमली प्लानिंग में आशा को लक्ष्य दिया जाए।
अतिकुपोषित ग्रामों पर विशेष ध्यान कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक होने वाले गांवों की पहचान कर वहां विशेष स्वास्थ्य और पोषण कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर अवस्था में है उन्हें निष्प्रयोज घोषित करते हुए उन्हें ध्वस्त करने के कार्यवाही की जाए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर डिजिटल बजन मशीन रखी जाएं। जनपद में 76 आंगनबाड़ी भवन बनाए जा रहे हैं उनकी गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए टेक्निकल टीम गठन करने के निर्देश दिए पैरामीटर के आधार पर ही कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित त्यागी अपने-अपने निर्वाणधीन आंगनबाड़ी केंटो का निरीक्षण करें और उसकी रिपोर्ट आवश्यक प्रस्तुत करें जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को इसकी साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने के भी निर्देश दिए स्कूलों में भी साफ सफाई अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि डीपीआरओ में वीडियो निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट अखियां अवश्य भेजें उन्होंने लर्निंग लब की भी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा पिलाना में सुधार करने की आवश्यकता है जो 18 पैरामीटर है इन पर कार्य होना चाहिए।
0 से 5 वर्ष की उम्र के बच्चों पर ओवरवेट का ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा इसके प्रति जन जागरूकता कार्यक्रम अवश्य चलाया जाए बच्चों के आउटडोर गतिविधियों पर अधिक बल दिया जाए जंक फूड का प्रयोग बच्चे ना करें माता-पिता बच्चों की एक्टिविटी के साथ खेले, ना कि उन्हें फोन देकर समझाएं फोन देने से बच्चे को नुकसान होता है उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।
जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिये उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP) के अन्तगर्त परामर्श के लिए टेली मानस हेल्प लाइन न० 14416 या 18008914416 उपलब्ध है जिस पर कॉल कर के मानसिक रोगो के बारे में उचित परामर्श ले सकते है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपा सिंह ,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक , जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉक्टर यशवीर, डॉक्टर विभास राजपूत सहित आदि अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
