
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 अप्रैल। मंगलवार को राजद का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के निर्देशानुसार जिलाध्यक्ष वीरबल यादव के नेतृत्व में भोजपुर पहुंचा और घटना की सारी जानकारी पीड़ितों से ली।राजद प्रतिनिधमंडल ने नीतीश-मोदी सरकार पर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सवाल खड़े किए। लहरपा की घटना ने बिहार की नीतीश सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तथाकथित “सुशासन” के दावों की पोल खोल दी है।प्रतिनिधिमंडल के संयोजक एवं बिहार सरकार में पूर्व मंत्री सह विधायक आलोक कुमार मेहता ने कहा कि लहरपा गांव की यह घटना बिहार में जंगलराज का प्रमाण है। नीतीश और मोदी की डबल इंजन सरकार ने सामंती गुंडों को खुली छूट दे रखी है। एनडीए सरकार के संरक्षण में अपराधी बेखौफ होकर गरीबों, दलितों, पिछड़ों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया कि यथाशीघ्र इस घटना में एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े अपराधी की गिरफ्तारी हो और मृतकों के परिवार को 20 लाख और घायलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल दिया जाए।
पूर्व मंत्री रामानंद राय ने कहा कि यह घटना सामंती वर्चस्व की देन है, जिसे रोकने में जिला प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। पूर्व मंत्री अनिता देवी ने कहा कि लहरपा की घटना ने महिलाओं और बच्चों में भी दहशत पैदा कर दी है और पुलिस मूकदर्शक है।
लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार को घेरते हुए विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश और मोदी की सरकार में बिहार अपराधियों के लिए स्वर्ग बन गया है। लहरपा में निर्दोष लोगों का खून बहा, राजद इसको कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। यह घटना सामंती मानसिकता और सरकारी संरक्षण का परिणाम है। शाहपुर विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि लहरपा की यह घटना बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की बदहाल स्थिति को उजागर करती है। डबल इंजन की सरकार ने बिहार को अपराधियों और सामंती गुंडों के हवाले कर दिया है। राजद इस घटना की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा सुनिश्चित की जाए।
जिलाध्यक्ष वीरबल यादव ने कहा कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था फेल है। जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच हो और पीड़ितों को तुरंत मुआवजा दिया जाय।जिला प्रशासन और आरक्षी अधीक्षक से भी की मुलाकात और की मांग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल चला कर कठोरतम कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए 20 लाख (मृतकों) और 10 लाख (घायलों) रुपये के मुआवजे और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की।प्रतिनिधिमंडल में अगिआंव प्रमुख मुकेश सिंह यादव, जिप अध्यक्ष आशा पासवान, अदीब रिजवी, प्रवक्ता आलोक रंजन, शैलेंद्र कुमार, मंटू शर्मा, हाकिम प्रसाद, सुनील यादव, जिप उपाध्यक्ष लालबिहारी सिंह, नंदकिशोर सिंह, विनोद चंद्रवंशी, रजनीश यादव, भीम यादव, सोनू रजक, रवि आनंद, मुन्ना सम्राट, राजीव, अनिल यादव समेत कई उपस्थित रहे।
