फासीवाद के खिलाफ तेज होगा जनप्रतिरोध : जवाहरलाल सिंह
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 22 अप्रैल।आज भाकपा-माले का स्थापना की 56वीं सालगिरह और का•लेनिन के जन्म की 155वीं सालगिरह पर क्रांति पार्क पूर्वी नवादा आरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया! कार्यक्रम में सबसे पहले भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य व पार्टी के वरिष्ठ नेता का•स्वदेश भट्टाचार्य ने झंडोंतोलन किया!उसके बाद का•लेनिन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर सभी शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई!इसके बाद भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व पूर्व विधायक मनोज मंजिल ने पार्टी केन्द्रीय कमेटी द्वारा जारी केन्द्रीय आह्वान का पाठ किया!स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी व जिला सचिव जवाहरलाल सिंह ने कहा कि वापस लिए गए कॉरपोरेट परस्त कृषि कानूनों को अब पीछे के दरवाज़े से नयी कृषि विपणन नीति के नाम पर फिर से लागू करने की कोशिश की जा रही है!मौजूदा सभी श्रम क़ानूनों को चार लेबर कोड से बदलने की तैयारी है, जो भारत के मेहनतकश तबके के संघर्षों से हासिल अधिकारों को समाप्त कर देगी।
उन्होनें आगे कहा कि फासीवादी हमले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं!इसलिए लोकतंत्र की लड़ाई में हमें और ज़्यादा एकता,ताक़त और दृढ़ संकल्प की ज़रूरत है!एक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट पार्टी होने के नाते हमें इस लड़ाई में अगली कतार में रहकर नेतृत्व करना होगा!इसके लिए ज़रूरी है कि हम जनता से अपने रिश्ते और गहरे करें और उनके जीवन, रोज़ी-रोटी और आज़ादी से जुड़े हर मुद्दे को पूरे दमखम से उठाएं!हमें एक बड़े,ज्यादा जीवंत और गतिशील पार्टी संगठन की ज़रूरत है जिसमें वैचारिक मज़बूती भी हो और संघर्ष का हौसला भी!
2025 भारत में संगठित कम्युनिस्ट आंदोलन की 100वीं सालगिरह है!यह आरएसएस की स्थापना की भी सौवीं सालगिरह है!भारत के आजादी आंदोलन और फिर आज़ाद भारत के संसदीय लोकतंत्र के दशकों में कम्युनिस्ट विचारधारा ने आरएसएस के फासीवादी मंसूबों के खिलाफ लगातार डटकर लड़ाई लड़ी है!इन सौ सालों के अधिकांश समय में आरएसएस अलग-थलग पड़ा रहा,लेकिन आज जब वह सत्ता की ताक़त के सहारे काम कर रहा है,तो पूरे देश पर अपनी विचारधारा और संस्कृति का शिकंजा कसने की पूरी कोशिश में है!हमें भारत को इस फैलती फासीवादी तबाही से हर हाल में बचाना होगा!
आज़ादी की लड़ाई के दौरान भारतीय पूंजीपति वर्ग ने राष्ट्रीय आंदोलन में अपनी अगुवाई क़ायम कर ली थी! लेकिन आज जब भारतीय पूंजीपति वर्ग के वर्चस्वशाली हिस्से फासीवादी प्रोजेक्ट के इर्द-गिर्द जमा हो रहे हैं,तो जनता के लोकतंत्र और राष्ट्रीय तरक़्क़ी का परचम उठा कर मेहनतकश जनता को आगे आकर फासीवादी और साम्राज्यवादी शिकंजे से मुक्ति दिलानी होगी!भारत के उपनिवेशवाद विरोधी और सामंतवाद विरोधी जन-संघर्षों की क्रांतिकारी विरासत का वारिस होने के नाते आज क्रांतिकारी कम्युनिस्टों को लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के फासीवाद-विरोधी जनउभार में सबसे मज़बूत ताक़त बनकर उभरना होगा!
कार्यक्रम का संचालन नगर सचिव सुधीर सिंह ने किया!स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी के आमंत्रित सदस्य आरा लोकसभा सासंद सुदामा प्रसाद,राजू यादव,राज्य कमेटी सदस्य मनोहर सिंह,आइसा राज्य सचिव शब्बीर कुमार,जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,जिला स्थाई समिति सदस्य राजनाथ राम,जितेंद्र सिंह,जिला कमेटी सदस्य बालमुकुंद चौधरी,अमित कुमार बंटी,ऐपवा नगर सचिव संगीता सिंह,ऐपवा नगर अध्यक्ष शोभा मंडल,जसम के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, दीनानाथ सिंह,मिल्टन कुशवाहा बब्लू गुप्ता,रौशन कुशवाहा,अभय सिंह,संतविलास राम,जयशंकर प्रसाद,किरण प्रसाद,कलावती देवी,अली अहमद,दीपक रजक आदि कई लोग शामिल थे।

