
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)17 अप्रैल।जिला प्रशासन भोजपुर के पहल पर डीआइजी सत्य प्रकाश द्वारा वर्षों से विधि व्यवस्था में शांति स्थापना के सहयोगी युवा समाजसेवी श्री नवीन प्रकाश को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। जिला प्रशासन के इस अद्भुत व सराहनीय कार्य से जनपद के सामाजिक कार्यकर्ताओं में खासकर युवाओं में खुशी है।बता दें की नवीन प्रकाश,उम्र 47, शिक्षा स्नातक, स्थाई आवास डी एम कोठी रोड आरा है।इनके पिता श्री सूर्य नाथ सिंह पूर्व भाजपा पदाधिकारी सह प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और वर्तमान में भी सक्रिय हैं।शिक्षण काल से अभाविप से जुड़कर कार्य किए और 1992 में महामंत्री भी रह चुके है।भाजपा के पूर्व नगर व जिला में पदाधिकारी का दायित्व निर्वहन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त सामाजिक दायित्वों में मां आरण्य देवी मंदिर ट्रस्ट का प्रवक्ता व सह-सचिव, रामनवमी शोभायात्रा समिति का उपाध्यक्ष व इस बार पुष्प वर्षा व्यवस्थापक, महादेवा हनुमान मंदिर का सहयोगी रहा हूं।इन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित होने पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने बातचीत की और सामाजिक जागरूकता के लिए कुछ अंश प्रकाशित है। आपको जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के उच्च पदाधिकारी के हाथो 12अप्रैल 25 को सम्मानित किया गया है क्या कहना चाहते हैं? इन्होंने बताया मेरे जीवन का ऐतिहासिक सुखद और रोमांचित करने वाला क्षण रहा,और बेहद खुशी मिली।मैं 18 वर्षों से जिला प्रशासन के शांति समिति का सदस्य रहकर सभी पर्व त्यौहार में ईमानदारी से सामाजिक सौहार्द्र बनाने में अग्रणी रहा, रामनवमी शोभायात्रा का 25वां वर्ष का सफलतापूर्वक संचालन में जिला प्रशासन के विधि-व्यवस्था में शांति स्थापना के लिए सहयोगी रहा, काफी भीड़ व झांकी के बाद भी सभी समुदाय के लोग सैकड़ों स्टाल लगाकर रामभक्तो का स्वागत कर एकता का मिशाल पेश किया।इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा अनुशंसित पत्र राज्य मुख्यालय को प्रेषित किया। प्रशस्ति पत्र डीजीपी और डीआइजी के संयुक्ताक्षर से डेहरी ऑन सोन के डीआइजी कार्यालय कक्ष में शाहाबाद के चारों एसपी की उपस्थिति में मुझे प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। हालांकि की मैं भी इन्हें महावोधिवटवृक्ष का प्लांट, मां आरण्य देवी का फोटो व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।इन्होंने बताया कि मेरी प्रति सहानुभूति रखने वाले सभी पदाधिकारी का हृदय से आभार व्यक्त करता है।यह सम्मान मेरे माता-पिता, शुभेच्छुओं, रामनवमी समिति, मां आरण्य देवी, हनुमान मंदिर समिति,पूर्वजों का आशीर्वाद व कृपा प्रसाद है।इन्होंने अपने संदेश में बताया की मैं सबको ईमानदारी से निस्वार्थ भाव से सेवा करनी पड़ती है केवल दिखाने के लिए नहीं ।सफलता का राज केवल और केवल परिश्रम में है। पौधा फल दे या न दे छाया जरूरत देगा इसलिए सभी पौधा को सुरक्षित रखना युवा पीढ़ी की नैतिकता है।
