
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अप्रैल। शनिवार को चैत्र पूर्णिमा श्री हनुमानजी के प्राकट्योत्सव पर श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् तथा सनातन-सुरसरि सेवा न्यास द्वारा फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में प्रातः काल पूजन-अर्चन एवं प्रवचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रवचन करते हुए आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि जहां-जहां भगवान की कथा होती है अथवा उनका गुणानुवाद होता है वहां श्री हनुमान जी महाराज सबसे पहले आते हैं और सबसे पीछे बैठ कर सिर पर अंजलि बांधकर प्रेमाश्रुओं की वर्षा करते रहते हैं। इतने ऊंचे भावुक श्री हनुमान जी महाराज जो भक्ति रस में सराबोर रहते हैं और कथा- संकीर्तन में तल्लीन रहते हैं किन्तु किसी असुर-अराजक तत्त्व पर दृष्टि पड़ते ही उसका सफाया कर देते हैं। आचार्य ने कहा कि श्री हनुमान जी की उपासना बल और शील प्रदान करने वाली तथा किसी भी संकट का शमन करने वाली है।वे उपासक अथवा सेवक के सदा निकट रहते हैं और उसके समस्त संकटों को दूर कर देने वाले बल और वेग का संचार करते हैं। आचार्य ने कहा कि श्री हनुमान जी की उपासना से ब्रह्मचर्य, विद्या,बल और सदाचार के साथ-साथ श्रीराम भक्ति की प्राप्ति होती है।वे रामायण और रामराज्य के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सचिव सत्येन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि आचार्य भारतभूषण जी महाराज के सानिध्य में संस्थान द्वारा पूरे देश में शास्त्र धर्म और रामभक्ति का प्रचार-प्रसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री गीता भवन स्वर्गाश्रम ऋषिकेश के लिए प्रस्थान कर रहे हैं जहां ग्रीष्म कालीन त्रैमासिक सत्संग शिविर में एक पखवाड़े तक प्रवचन कर श्रद्धालुओं को आह्लादित करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी आचार्य श्री को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आमंत्रित कर प्रवचन कराया है।यह हम सभी भोजपुर वासियों के लिए अत्यंत सम्मान की बात है। कार्यक्रम में पं मधेश्वर नाथ पाण्डेय, पं देवेश अग्निहोत्री आदि ने पूजन-अर्चन सम्पन्न कराया। इस अवसर पर पं राधा प्रसाद पाठक,डॉ सत्यनारायण उपाध्याय, विश्वनाथ दूबे, महेंद्र पांडेय, नर्मदेश्वर उपाध्याय, अमरनाथ तिवारी, कुमार सौरभ, निलेश कुमार मिश्र, शिवदास सिंह,प्रो बलिराज ठाकुर, राकेश कुमार,पं अजय कुमार मिश्र समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे।
