
RKTV NEWS/चतरा ( झारखंड)08 सितंबर।जिले में झोला-छाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों की लापरवाही से लगातार गंभीर घटनाएँ सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख़्तियार किया है। हाल ही में दो मरीजों की मौत तथा होटल में अवैध नर्सिंग होम संचालित होने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने Clinical Establishment Act के तहत संबंधित डॉक्टरों एवं संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कड़ा संदेश दिया है।उपायुक्त कीर्तिश्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल स्तर पर जांच समितियों का गठन किया है तथा दोषियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
महिला की मौत के बाद मामला दर्ज
दिनांक 02 सितम्बर 2025 को हंटरगंज प्रखंड के नावाडीह स्थित जीवन रेखा क्लिनिक में प्रसव पीड़ा से पीड़ित रंजु देवी (उम्र 23 वर्ष) का बिना जांच ऑपरेशन कर दिया गया, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। मृतिका के पति धमेन्द्र कुमार यादव के आवेदन पर हंटरगंज थाना कांड संख्या-153/25 के अंतर्गत Clinical Establishment Act की सुसंगत धाराओं में झोला-छाप डॉक्टर विकेश कुमार यादव, रामधीर कुमार एवं सुनिल कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। उक्त नर्सिंग होम को सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, चतरा द्वारा सील कर दिया गया।
इंजेक्शन लगने से किशोर की मौत
दिनांक 01 सितम्बर 2025 को वशिष्ठनगर जोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डेमडेम नावाडीह निवासी ऋषि कुमार (उम्र 05 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। झोला-छाप डॉक्टर प्रदीप विश्वकर्मा द्वारा दिए गए तीन इंजेक्शनों के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और मगध मेडिकल कॉलेज, गया पहुँचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में वशिष्ठनगर जोरी थाना कांड संख्या-57/25 के अंतर्गत Clinical Establishment Act के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
होटल में नर्सिंग होम का खुलासा
प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर 02 सितम्बर 2025 को अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा जहूर आलम एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर चतरा की टीम ने जांच की। जांच के क्रम में पाया गया कि एक होटल का बोर्ड लगाकर अंदर अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था, जहाँ कई मरीज भर्ती थे। संचालक मौके से फरार हो गए। उक्त अवैध नर्सिंग होम को सील करते हुए संचालक पंकज जायसवाल एवं रोहित जायसवाल के विरुद्ध सदर थाना चतरा कांड संख्या-295/25 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अनुमंडलवार जांच समिति गठित
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त कीर्तिश्री ने स्पष्ट कहा है कि जिले में झोला-छाप चिकित्सकों और अवैध नर्सिंग होम/क्लिनिक को कतई बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त द्वारा गठित समितियाँ इस प्रकार हैं चतरा अनुमंडल समिति :अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा (अध्यक्ष), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटखोरी, कार्यपालक दंडाधिकारी, चतरा एवं अंचल अधिकारी, हंटरगंज। सिमरिया अनुमंडल समिति : अनुमंडल पदाधिकारी, सिमरिया (अध्यक्ष), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरिया, कार्यपालक दंडाधिकारी, सिमरिया एवं अंचल अधिकारी, सिमरिया।
अनुमंडल पदाधिकारी का वक्तव्य
इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा जहूर आलम ने कहा कि प्रशासन की यह सख्ती पूरी तरह जनहित में है। अवैध क्लिनिक एवं झोला-छाप डॉक्टरों की वजह से निर्दोष लोगों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने अवैध रूप से क्लिनिक या नर्सिंग होम खोले हैं, वे स्वयं बंद कर दें, अन्यथा प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें बचना मुश्किल होगा।
उपायुक्त की अपील
उपायुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे इलाज के लिए सदैव पंजीकृत चिकित्सकों एवं मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों का ही सहारा लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध क्लिनिक या झोला-छाप डॉक्टर की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएँ, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
