
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अप्रैल। शनिवार को महाजन टोली स्थित ठाकुरबाड़ी प्रांगण में श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर संगीत समापन समारोह पर गायन वादन एवं नृत्य का अद्भुत समन्वय को देख दर्शक भाव विभोर हो गए। इस कार्यक्रम का उद्घाटन सीताराम सीताराम के उद्घोष से हुआ। श्रेया पांडेय ने आयोजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ठाकुरबाड़ी की यह संगीत परंपरा सौ वर्षों से अनवरत कायम है।आरा की समृद्ध संगीत परंपरा का अद्वितीय विरासत है। कार्यक्रम में छपरा की कथक नृत्यांगना कुमारी रूपा व कथक नर्तक अमित कुमार ने युगल कथक में शिव वंदना, ताल पंचम सवारी में उपज, ठाट, आमद, तोड़ा, तिहाई व तीन ताल में परन, चक्कदार टुकड़ा, राधा कृष्ण का रास एवं सीता हरण कथाकानक प्रस्तुत कर रस और भाव की अभिव्यक्ति की। वही विदुषी बिमला देवी ने राग रागेश्री में तीनताल की बंदिश “बाज रही घनघोर बधाई अवध महल में एवं चैती “राम जी के भईले जनमवा हो रामा चइत शुभ दिनवा” प्रस्तुत कर समां बाँधा। इस प्रस्तुति श्रेया पांडेय एवं अजीत पांडेय के स्वर विस्तार एवं दानेदार तान ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। पटना से पधारे तबला वादक श्री शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव ने संगत में बनारस घराने की खुशबू से रंग भर दिया। कलाकारों को कवि नंद किशोर कमल एवं साहित्यकार अतुल प्रकाश ने सम्मानित किया। मंच संचालन गुरु बक्शी विकास एवं धन्यवाद ज्ञापन आदित्या श्रीवास्तव ने किया।
