परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, तथा समाज के कई गणमान्य हुए एकत्रित।
सेवानिवृत शिक्षिका मानकी देवी की आत्मा की शांति हेतु सभी ने की प्रार्थनाएं।
कलाकारों द्वारा भजन संगीत की हुई प्रस्तुति।
लखीसराय जिले के विभिन्न मध्यविद्यालयों में प्रधानाध्यापक व शिक्षिका के पद पर दे चुकीं हैं सेवा।
शिक्षा के क्षेत्र में था महत्वपूर्ण योगदान, कठिन परिश्रम और समर्पण थी इनकी पहचान : शशीकांत कुमार श्रीवास्तव
RKTV NEWS/लखीसराय (बिहार)04 अप्रैल।झारखंड राज्य के चतरा जिले में सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सह सोशल मीडिया पब्लिसिटी ऑफिसर के पद पर कार्यरत शशीकांत कुमार की 85 वर्षीय दादी, मानकी देवी, जिनकी पहचान एक सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षिका के रूप में थी, उन्होंने अपने कार्यकाल में लखीसराय जिले के रामपुर मध्यविद्यालय, किशनपुर मध्यविद्यालय, गढ़ी विशनपुर गिरिया टोला मध्यविद्यालय समेत अन्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापिका एवं शिक्षिका के रूप में कार्य किया और अपने कार्यकाल में हजारों बच्चों को शिक्षित बना समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाने का कार्य किया।
विदित हो की इनका निधन बीमार रहने के कारण 23 मार्च 2025 को हो गया था। मानकी देवी का पार्थिव शरीर 24 मार्च 2025 (सोमवार) को पंचतत्व में विलीन हो गया ।उनके आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए आज 4 अप्रैल 2025 को शशीकांत कुमार के गृह जिला लखीसराय ग्राम गढ़ीविशनपुर में ब्रह्मभोज एवं शोकसभा का आयोजन किया गया।
शशिकांत ने बताया की मानकी देवी का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा और वे अपने कड़े परिश्रम और समर्पण के लिए पहचानी जाती थीं।
शोकसभा में पोता शशीकांत कुमार, उनके पुत्र अनिल श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव,शरद चंद्र श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, उनके साथ सेवा देने वाले शिक्षक, समेत सभी रिश्तेदार, तथा समाज के कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए और मानकी देवी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। इस अवसर पर उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
मानकी देवी के निधन ने उनके परिवार, समाज और शिक्षाप्रेमी समुदाय को गहरा दुख पहुंचाया। इस शोकसभा का आयोजन उनके योगदान को सम्मानित करने और परिवार को सांत्वना देने के लिए किया गया।





