
RKTV NEWS/बक्सर ( बिहार)01 अप्रैल।जीयर स्वामी जी महाराज के कृपा पात्र आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम ब्रह्मपुरधाम मे आयोजित नव दिवसीय श्रीमानस महोत्सव मे कहा कि श्रीरामचरित मानस सनातन संस्कृति, संस्कार, संसार का सार है।जीवनव्यवहार के हर पहलू का समाधान है।मानवीय मूल्यों का संरक्षण का सूत्र है।। भारद्वाज जी के जिज्ञासा के शमन हेतु शिव सती की कथा कहते हुए शिवपार्वती संवाद के माध्यम से श्री रामचंद्र जी के अवतार का हेतु बताते हुये नारद मोह,वृन्दा शाप,आदि का सूत्रवत वर्णन करते हुये ,श्रीराम लला के बाल लीला, विवाह लीला का शास्त्रीय वर्णन करते हुए पारंपरिक मांगलिक गीतों का गायन करते हुए पारंपरिक गीतों के लुप्त होने पर चिंता जताते हुए कहा कि इन गीतों भी भारतीय मूल्यों का दर्शन होता है ।शासन ओ समाज को इनके रक्षण हेतु कदम उठाना चाहिए। भोजपुरी गीतों मे फूहरपन भी बंद होना चाहिए।श्री मानस महोत्सव में कथा सुने दूरदराज के गांवो से स्त्री पुरुषों का आगमन बडी संख्या मे हो रहा है।गर्मी कै देखते हुए भक्तों हेतु जलपान आदि की व्यवस्था शिवशक्ति पीठम् और गौरीशंकर विवाह महोत्सव आश्रम के कार्यकर्ताधर्ता कर रहे हैं।
