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भोजपुर: आनेवाला समय मल्टी डिसीप्लिनरी एप्रोच का होगा :डा मदन सिंह देउपा , यूनिवर्सिटी नेपाल

आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 31मार्च। रविवार को श्री त्रिदंडी देव गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, गौतम नगर, शाहपुर भोजपुर तथा आईजोरा रिसर्च एसोसिएशन झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में मल्टी डिसीप्लिनरी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ।29 एवं 30 मार्च 2025 को आयोजित किया गया।कार्यक्रम में देश भर के 400 से अधिक विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर ने शिरकत की जो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के अकादमिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है।देश विदेश से पधारे विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर ने बहुविषयक अनुसंधान के विभिन्न आयाम, चुनौतियों और इसके अवसरों पर व्यापक चर्चा की।
फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी नेपाल से आए डॉक्टर मदन सिंह देऊपा ने अपने विचार रखते हुए कहा की आने वाला समय मल्टी डिसीप्लिनरी एप्रोच का होगा ।भारत की नई शिक्षा नीति में इसे और भी व्यापकता मिलेगी तथा वैश्विक ज्ञान पटल पर भारत अपनी अमिट पहचान बनाएगा। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में बहुविषयक रिसर्च समय की मांग है ।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जिस तरह से पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं वह आने वाले समय के वैश्विक पटल पर ज्ञान परंपरा में भारत की अपनी साख होगी। दुनिया भर में मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च को आगे बढ़ाया जा रहा है ।
तिलकामांझी विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट के फैकल्टी मेंबर डॉक्टर पंकज कुमार ने अपने विचार रखते हुए मल्टीडिसीप्लिनरी अप्रोच को वैश्विक जरूरत बताया। तिलकामांझी भागलपुर के फैकेल्टी मेंबर डॉक्टर मणिकांता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के अध्ययन का जो अप्रोच है वह मल्टीडिसीप्लिनरी है महाविद्यालयों एवं रिसर्च सेंटर में इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। प्रोफेसर नीरज वर्मा विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र ने वैश्विक उन्नति के लिए बहु विषयक शोध पर जोर दिया।
प्रोफेसर डी के सिंह विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग ने अपने विचार रखते हुए प्रगति के शाश्वत सिद्धांतों पर चर्चा की और कहा की आज का दौर मल्टीडिसीप्लिनरी समझ विकसित करने की है। जब विभिन्न विषयों के विषय विशेषज्ञ जब एक मंच पर आते हैं तब सही निष्कर्ष तक पहुंचते हैं , जिससे समाज की उन्नति अवश्यंभावी हो जाती है।
इस मौके पर ऑनलाइन मोड में डॉ पूनम, डॉ स्मृति , डॉ रश्मि, सिवान कुमार झा, डॉ सारिक हैदर, विश्व ज्योति राय, श्वेता सिंह, प्रिंस कुमार, कुमारी खुशबू, देवस्मिता, कायनात रिजवी, अनुपम सिंह सहित दर्जनों प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया।
आईजोरा रिसर्च एसोसिएशन की मिस कल्पना ने कहा की शैक्षणिक जगत तेजी से बदल रहा है और वैश्विक ज्ञान परंपरा में यदि अपनी पहचान हमें कायम करना है तो हमारा अप्रोच मल्टी डिसीप्लिनरी होना चाहिए। आने वाले समय में आईजोरा रिसर्च एसोसिएशन इस तरह के कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर भारतीय ज्ञान व्यवस्था को और भी सुदृढ़ करने का प्रयास करता रहेगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर गुलाब फलाहारी ने सभी आगंतुकों का हृदय से बधाई और आभार व्यक्त करते हुए आईजोरा रिसर्च एसोसिएशन ,विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की सफलता का श्रेय दिया।सीनेट सदस्य संतोष तिवारी ने ऐसे अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की आवश्यकताओं पर जोर दिया और कहा की इससे शैक्षणिक माहौल समृद्ध होगा।इस मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतकर्मी तथा शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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