
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 मार्च।ब्रह्मपुरधाम गौरीशंकर पब्लिक स्कूल रोड स्थित आशा देवी के आवास परिसर मे आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने कहा कि नारायण बडे कृपालु है,उनकी कृपा सबपर बरसती रहती है शर्त इतना ही है कि श्रद्धा से उन्हे याद किया जाय।याद करने में देरी हो सकती है, उनको दया करने में देर नही होती।कथा व नारायण नाम मे इतनी शक्ति है कि पापी भी नारायण नाम से गोविंद लोक का अधिकारी बन जाता है।इस कथन की पुष्टि में अजामिल मोक्ष की कथा कही सुनाई।प्रह्लाद चरित्र को कहते हुए बताया की कोई जरूरी नहीं है कि उत्तम कुल मे उत्तम संतान हो और संस्कार हीन कुल में संस्करहीन संतान हो।आचार्य जी ने कहा कि कश्यप ऋषि के कुल मे हिरन्याच्छ,हिरन्यकिश्यपू का आना और हिरन्यकिश्यपू के कुल मे भक्त राज प्रह्लाद के आने की कथा कही।सूर्य वंश का वर्णन करते हुए अम्बरीष, सगर चरित्र पर प्रकाश डाला।फिर सागर मंथन के हेतु और मंथन से निकले रत्नो,और चोरों कुम्भो की कथा कही।आगे उन्होंने गंगा अवतरण की कथा कहते हुए कहा गंगा जी दुनिया के पापियों को पाप से मुक्त करती है ,जबकि गंगा जब अपवित्र होती है तो वैष्णव के स्नान मात्र से पवित्र हो जाती है। वर्तमान संदर्भ मे गंगा को प्रदूषण मुक्ति पर बल दिया। इस अवसर पर कथा मे दिल्ली लोनी से हस्तीनापुर पीठाधीश्वर रघुनंदन रामानुज वैष्णव दास,काशी से त्रिगुणानंद स्वामी,वैदिक नारायण पान्डेय,पं अशोक द्विवेदी,पं आनंद मोहन त्रिपाठी,पं हरिओम शास्त्री, सनातन धर्म संदेश चैनल के सुमनरामानुज वैष्णव दास भागलपुरी पधारे।संगीत सहयोगी निराला बाबा हारमोनियम , बेनीमाधव मिश्र नाल पर, उदयकुमार बैंजू पर संगत कर रहे हैं। श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर पारंपरिक चैता का भी गायन हुआ।
