
नई दिल्ली/डॉ एम रहमतुल्लाह 11 मार्च।उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में नेताजी सुभाष चंद्र जी की प्रतिमा पर काली कलर फेंकने के प्रकरण पर जहां नेताजी के अनुयायी मर्माहत हैं वहीं हिंदुस्तानियों के दिलों पर राज करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अवमानना से क्षुब्ध कायस्थ समाज भी रोष और क्रोध प्रकट कर रहा है . अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उसको देश के कानून के तहत सजा देने की मांग करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष डॉ अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि यह कार्य कोई सच्चा देशवासी नहीं कर सकता है. यह आपराधिक कार्य एक अपराधिक प्रवृत्ति का आदमी ही कर सकता है . डॉ अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर देशवासियों के गुस्से को शांत करने का काम करे, अन्यथा सुभाष चंद्र बोस के अनुयाई सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे .
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनूप श्रीवास्तव के दिशा निर्देशों पर मुरादाबाद की रोड पर प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र के जिलाधिकारी और नगर एसपी को बॉबी सक्सेना, राष्ट्रीय महासचिव, संगठन, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है।
इस प्रकरण पर पूर्व आई. आर. एस. प्रधान आयुक्त, भारत सरकार डॉ अनूप श्रीवास्तव , राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने कहा कि इस तरह के कार्य कलुषित मानसिकता के प्रतीक हैं और इसकी जितनी भी निंदा की जाय वह कम है . उन्होंने कहा कि शासन – प्रशासन को ऐसे लोंगो की पहचान कर उन पर तुरंत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए । डॉ अनूप श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह को नई दिल्ली से फोन कर और Whattsapp के माध्यम से पूरी जानकारी उपलब्ध करायी और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के ज्ञापन दाताओं से मिलकर ज्ञापन लेने हेतु आग्रह भी किया जिस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए ज्ञापन की कॉपी प्राप्त की तथा शहर एस.पी. रणविजय सिंह को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी तथा ज्ञापन दाताओं से शहर एस. पी. से भी मिलकर उन्हें भी ज्ञापन देने को कहा. जिसका अनुपालन करते हुये राष्ट्रीय महासचिव, संगठन बॉबी सक्सेना ने अपने चित्रगुप्तांश कुनबे के साथ सशरीर एस. पी. साहब से मिलकर उन्हें भी ज्ञापन सौंपा।
कानपुर निवासी कायस्थ एकता मंच सर्वेसर्वा हरिशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनादर कायस्थ समाज बर्दाश्त नहीं करेगा .
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह अन्तर्राष्ट्रीय समन्वयक अनिल कर्ण ने कहा कि भारत की आजादी में जितनी गांधी जी की भूमिका है उससे कहीं ज्यादा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमिका रही है. नेताजी का अपमान, देश का अपमान है. जिन लोंगो ने ये कुकर्म किया है वह भारतीय नहीं हो सकता.
कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीत सिन्हा ने कहा कि नेताजी की मूर्ति पर काला कलर डालने से क्या उनकी महिमा कम हो जाएगी या स्वतन्त्रता संग्राम के अंतर्गत किये गये क्रांतिकारी कार्य को भारतीय जनमानस भुला देगी या प्राप्त आजादी में उनकी भूमिका को कोई नजरअंदाज कर सकता है ? जिस किसी ने भी इस तरह के कुत्सित घृणित प्रयास किये हैं वे क्षमायोग्य नहीं हो सकते।
उत्तरप्रदेश सरकार के साथ भारत सरकार को भी इस पर जवाब देना चाहिए कि विभूतियों के मूर्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
