RKTV NEWS/अनिल सिंह,22 अप्रैल।पृथ्वी दिवस पर धरा की रक्षा हमारी सुरक्षा हेतु वृक्षारोपण को प्रेरित करती कवि अरुण दिव्यांश की रचना “मातृ धरा”।
मातृ धरा
जिस धरा पर जन्म लिए ,
जिस धरा पर करते वास ।
उसी धरा का ये संरक्षण ,
हमारे जीवन का एहसास ।।
मां धरा हमारी जीवन है ,
आओ हम इसे जीवन दें ।
वृक्ष लगाएं उर्वरक बढ़ाएं ,
मां धरा को नवजीवन दें ।।
जीवनदाता जीवन पालक ,
पृथ्वी ही है जीवन विधाता ।
परिश्रम जैसा जो करता ,
पारिश्रमिक वैसा ही पाता ।।
मां धरा हमारे हेतु अर्पित ,
हम भी धरा को करें अर्पण ।
धरा है देती जीवन सुरक्षा ,
हम भी करें धरा संरक्षण ।।
वृक्षारोपण कर क्षरण रोकें ,
पर्यावरण का ले लें शरण ।
पर्यावरण से ही दीर्घायु होंगे ,
पर्यावरण करेगा पोषण भरण।।


