
मुंबई/महाराष्ट्र (मनोज कुमार प्रसाद)13 अक्टूबर। दृष्टिबाधित लोगों तक देश-दुनिया की खबरें और जरूरी जानकारियां नियमित रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से रिलायंस फाउंडेशन के दृष्टि कार्यक्रम के तहत प्रकाशित होने वाले हिंदी और मराठी ब्रेल अखबारों का प्रकाशन अब पाक्षिक के बजाय साप्ताहिक किया जाएगा। रिलायंस फाउंडेशन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) इंडिया के सहयोग से इन अखबारों का प्रकाशन करता है। वर्तमान में इनके पाठकों की संख्या 30 हजार से अधिक है।
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक एवं चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी दृष्टिबाधित लोगों को सूचना, शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत हैं। इसी वर्ष जनवरी में मुंबई में एनएबी इंडिया के 75वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उन्होंने फाउंडेशन की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इसी पहल की कड़ी है।
इस बदलाव से दृष्टिबाधित पाठकों को अब हर सप्ताह समाचार पढ़ने और समसामयिक घटनाओं से जुड़े रहने का अवसर मिलेगा। नियमित प्रकाशन से सूचना तक उनकी पहुंच बढ़ेगी और वे सामाजिक गतिविधियों तथा देश-दुनिया में हो रहे बदलावों से अधिक आसानी से जुड़ सकेंगे।
2003 में शुरू हुआ था दृष्टि कार्यक्रम
रिलायंस फाउंडेशन का दृष्टि कार्यक्रम वर्ष 2003 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर नेत्र देखभाल उपलब्ध कराना और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन को सुगम बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत मुफ्त नेत्र जांच, कॉर्निया प्रत्यारोपण और चश्मे उपलब्ध कराने जैसी पहल की जाती हैं। इसके माध्यम से अब तक दो लाख से अधिक लोगों को मदद मिलने की जानकारी दी गई है।
ब्रेल अखबारों के प्रकाशन की आवृत्ति बढ़ाने का उद्देश्य दृष्टिबाधित समुदाय तक समाचारों और आवश्यक सूचनाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित करना है। यह पहल नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सूचना की समान पहुंच और समावेशी समाज के निर्माण पर भी जोर देती है।
