
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)25 सितंबर।समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला उद्योग केंद्र, चतरा द्वारा तेजस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना तथा युवाओं एवं संभावित उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं अवसर प्रदान करना रहा। उपायुक्त रवि आनंद बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उपायुक्त एवं अन्य अतिथियों का पौधा, शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) तथा झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में, जिला उद्योग केंद्र के कैंप कार्यालय, चतरा की पहल पर स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में युवाओं, संभावित उद्यमियों एवं संबंधित हितधारकों को उद्यम स्थापना, नवाचार तथा स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों एवं सहयोग के संबंध में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि चतरा में प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक हुनर, स्थानीय वनोपज तथा युवाओं की प्रतिभा के आधार पर उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता इन संभावनाओं को उचित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं बाजार से जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि तेजस जैसी कार्यशालाओं का उद्देश्य केवल स्टार्टअप की जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं में यह विश्वास पैदा करना भी है कि एक छोटा विचार भी बड़े उद्यम का आधार बन सकता है।
उपायुक्त ने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कौशल एवं स्थानीय संसाधनों के आधार पर उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ें और स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें। उन्होंने कहा कि छोटे विचारों को व्यवहारिक उद्यम में बदलने के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यशाला में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, हजारीबाग (कैंप कार्यालय, चतरा) शंभू शरण बैठा ने झारखंड सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी-2023 से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्टार्टअप के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन, सुविधाओं एवं आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए युवाओं एवं संभावित उद्यमियों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के माध्यम से जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, हजारीबाग (कैंप कार्यालय, चतरा) शंभू शरण बैठा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
