साहित्य सम्मेलन में ‘मेरे प्रिय साहित्यकार’ विषय पर आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)07 सितम्बर । ललित-निबन्ध की कलात्मकता पाठकों को आकर्षित और प्रभावित करती है। अच्छे निबन्ध सुधी पाठकों को चिंतन के लिए भी विवश करते हैं। इसमें निबन्धकार का ज्ञान और भाषा-सामर्थ्य भी प्रकट होता है। ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से निबन्ध-कौशल में गुणात्मक विकास होता है।
यह बातें, हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित ‘हिन्दी पखवारा एवं ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ के ७वें दिन, सोमवार को, विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई ‘निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता’ में विद्यार्थियों को उदबोधित करते हुए, विद्वान साहित्यकार और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अवकाश प्राप्त अधिकारी बी ठाकुर ने कही। उन्होंने विद्यार्थियों को निबन्ध-लेखन के कौशल से भी अवगत कराया।
किलकारी बिहार बाल भवन,सैदपुर, शिवम् कौन्वेन्ट, न्यू बाइपास, कंकड़बाग, पटना, संत जौंस पब्लिक हाई स्कूल, पार्क रोड, कदमकुआं,प्रभुतारा स्कूल, सकरीगली, पटना, गंगस्थली बालिका ज्ञानपीठ, दीघा, इन्फेंट जिजस स्कूल, खाजेकला, पटना सिटी आदि विद्यालयों के प्रतिभागी विद्यार्थियों ने ‘मेरे प्रिय शिक्षक’ विषय पर, अत्यंत सार-गर्भित और सुंदर निबन्ध लिखे। इन्हें लेखन के लिए ४० मिनट का समय दिया गया था।
इस अवसर पर, निर्णायक मण्डल के सदस्य डा नीतू सिंह, प्रतियोगिता आयोजन समिति के संयोजक ईं अशोक कुमार, डा नागेश्वर यादव,कृष्णरंजन सिंह, इन्दु भूषण सहाय, नम्रता कुमारी, वी के मिश्र, हृदय नारायण झा, ईशा कुमारी आदि उपस्थित थे। शिक्षक, विद्यार्थी एवं पुस्तक-प्रेमियों ने पुस्तक-मेले से पुस्तकों की भी ख़रीद की।

