
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)01 सितंबर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 1.22 लाख मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए ₹304 करोड़ 98 लाख 50 हजार से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि मिली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सफलता मिलने पर विनम्र बने रहने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक या प्रमाण-पत्र में नहीं, बल्कि संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है तथा आज का परिश्रम ही कल की सफलता का आधार बनता है।
लैपटॉप ज्ञान और संभावनाओं का प्रवेश-द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैपटॉप केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और नई संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थी इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, ई-लाइब्रेरी, डिजिटल पाठ्य सामग्री, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा होती है। जिस प्रकार मूर्तिकार पत्थर में छिपी मूर्ति को पहचानकर उसे आकार देता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं। विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों के त्याग एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
75 प्रतिशत या अधिक अंक वाले विद्यार्थियों को लाभ
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹25 हजार की राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शिक्षा के बजट में बड़ा प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए ₹36,730 करोड़, उच्च शिक्षा के लिए ₹4,247 करोड़ तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए ₹2,932 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा संस्थानों के विस्तार के साथ मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की सीटों में भी वृद्धि की जा रही है। सरकार ने वर्ष 2028 तक 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है।
द्वितीय बोर्ड परीक्षा से विद्यार्थियों को दूसरा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुधार है। इससे विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने की स्थिति में बिना पूरा वर्ष गंवाए दोबारा प्रयास कर सकते हैं।
अब तक 6.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक लगभग 6.5 लाख विद्यार्थियों को ₹1,620 करोड़ लैपटॉप के लिए उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन वर्षों से प्रवेश दर में वृद्धि हो रही है और शिक्षकों के लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी एवं विष्णु खत्री सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—आज “लर्न” करेंगे तो कल “अर्न” करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि लैपटॉप विद्यार्थियों की पढ़ाई को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगा।
