
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 जुलाई।महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय आरा के मनोविज्ञान विभाग द्वारा प्रथम भारतीय मनोविज्ञान दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुख्य अतिथि प्रो. यशवंत कुमार, प्राचार्य प्रो. नरेंद्र प्रताप पालित एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विजयश्री व अन्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
प्राचार्य प्रो.पालित ने स्वागत उद्बोधन में भारतीय मनोविज्ञान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित मनोवैज्ञानिक चिंतन आज भी समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।डॉ. विजयश्री ने बताया कि इस वर्ष पहली बार पूरे देश में भारतीय मनोविज्ञान दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय मनोविज्ञान को मुख्यधारा में स्थापित करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।
मुख्य वक्ता प्रो. यशवंत कुमार ने कहा कि भारतीय मनोविज्ञान आत्मज्ञान, चित्त की शुद्धि एवं बाह्य से आंतरिक चेतना की यात्रा का विज्ञान है। भगवद्गीता, योग, ध्यान, प्राणायाम, आयुर्वेद, चक्रों की अवधारणा, सूर्य नमस्कार, आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय मनोविज्ञान व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास को समान रूप से महत्व देता है। संचालन डॉ. सादिया हबीब ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वीनू ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. रश्मि गुप्ता, डॉ. सुधा, डॉ. अर्पणा, डॉ. कंचन सहित शिक्षक,कर्मी छात्रा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
