
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)10 जुलाई।उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में कृषि, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने धान सहित विभिन्न फसलों के बीज वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए किसानों के बीच गुणवत्तापूर्ण बीजों का समयबद्ध एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी लैम्प्स (LAMPS) बीज वितरण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा प्रत्येक पात्र किसान तक समय पर बीज उपलब्ध कराएं। साथ ही किसानों को सीड लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक करने का भी निर्देश दिया, ताकि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ प्राप्त कर सकें।
उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसी स्थिति को देखते हुए किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों, विशेषकर मोटे अनाज (मिलेट), दलहन एवं तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए कहा कि रागी, मड़ुआ, ज्वार, बाजरा, सांवा एवं कोदो जैसी फसलों की खेती से किसान कम लागत और कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए पंपलेट, संथाली भाषा में जागरूकता सामग्री तथा वीडियो/ऑडियो तैयार कर व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि जिले के अधिकाधिक किसान इस योजना से जुड़ सकें।
उपायुक्त ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के शत-प्रतिशत वितरण का निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को केवल कार्ड उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें मृदा जांच रिपोर्ट के अनुरूप उर्वरकों के संतुलित उपयोग की भी जानकारी दी जाए, जिससे उत्पादन लागत कम हो और भूमि की उर्वरता बनी रहे।
बैठक में सहकारिता विभाग अंतर्गत संचालित कोल्ड स्टोरेज की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी कोल्ड स्टोरेज को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे किसानों को अपनी उपज का सुरक्षित भंडारण करने की सुविधा मिलेगी और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
अंत में उन्होंने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
