
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)13 जून।समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में झारखंड शिक्षा परियोजना की जिला कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा परियोजना के विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण तथा विद्यालय से बाहर रह रहे दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जिले में कार्यरत संकुल साधनसेवी (सीआरपी) एवं प्रखंड साधनसेवी (बीआरपी) के कार्य निष्पादन की समीक्षा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा निर्धारित वार्षिक अनुश्रवण लक्ष्यों को पूर्ण करने वाले सीआरपी एवं बीआरपी को 03 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाएगा। वहीं निर्धारित लक्ष्य पूर्ण नहीं करने वाले कर्मियों को उक्त वृद्धि के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
संकुल साधनसेवी से संबंधित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही मृत सीआरपी के आश्रितों से आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण-पत्र प्राप्त कर मामले को अगली कार्यकारिणी समिति की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जिला स्तरीय एवं प्रखंड संसाधन केंद्रों में कार्यरत कर्मियों को उनके कार्य प्रदर्शन (परफॉर्मेंस अप्रेजल) के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (जेबीएवी) में कार्यरत पूर्णकालिक शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को वार्षिक मानदेय वृद्धि प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान एक संसाधन शिक्षक के स्वास्थ्यगत कारणों से दीर्घकालीन अनुपस्थिति के मामले की समीक्षा करते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच उपरांत प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से प्रतिवेदन प्राप्त करने तथा मामले को अगली बैठक में रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय विद्यालय से बाहर रह रहे दिव्यांग बच्चों का नामांकन रहा। डहर पोर्टल के माध्यम से चिन्हित 34 दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु विशेष रणनीति तैयार की गई। इस संबंध में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायती राज, सूचना एवं जनसंपर्क तथा बाल संरक्षण इकाइयों के साथ समन्वित कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
उपायुक्त रवि आनंद ने निर्देश दिया कि प्रत्येक चिन्हित दिव्यांग बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर पंडित सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
