
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)29 मई। गुरुवार को शहर में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व पारंपरिक अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मुख्य ईदगाह समेत शहर की विभिन्न मस्जिदों में बकरीद की विशेष नमाज अदा की। नमाज के दौरान बारगाह-ए-इलाही में सिर झुकाकर देश में अमन, शांति, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी।
सुबह से ही शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में पर्व को लेकर भारी चहल-पहल देखी गई। मौलाबाग स्थित मुख्य ईदगाह में विभिन्न मोहल्लों से आए हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ नमाज पढ़ी। इसके अलावा शाही मस्जिद, मेहरू मस्जिद, चौधरियाना मस्जिद, करमन टोला-नवादा मस्जिद, पकड़ी मस्जिद, और धर्मन मस्जिद सहित अन्य इबादतगाहों में भी नमाज अदा की गई।
शाही मस्जिद के इमाम मौलाना बहाउद्दीन बुखारी ने नमाज अदा कराई और बकरीद के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला ने पवित्र कुरान में हमारे जीवन के लिए एक मार्गदर्शिका (गाइडलाइन) दी है। जो इसका पालन करेगा, वह जन्नत का हकदार होगा। हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया था, लेकिन अल्लाह ने आसमान से दुंबा (मेढ़ा) भेजकर उनकी परीक्षा को कुबूल किया। तभी से समर्थवान लोगों के लिए कुर्बानी की यह सुन्नत जारी है।
नमाज के बाद लोगों ने घरों को लौटकर सुन्नत-ए-इब्राहिमी के तहत बकरे की कुर्बानी दी। पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मस्जिदों और ईदगाह के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
