जल संरक्षण अभियान को जनभागीदारी से मिला नया आयाम।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 29 मई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरण का संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, गौरव रणदिवे, श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, डीआईजी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी दी और सभी से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल बचा कर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपने संबोधन में संत कबीरदास एवं संत रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए जल की महत्ता को सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, संवेदना और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संरक्षण, तालाबों और कुंडों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और आने वाले समय में प्रदेश जल समृद्धि की दिशा में नई पहचान बनाएगा।

