
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 02 मई।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के विथि संकुल में 1 से 10 मई 2026 तक आयोजित लिखन्दरा आर्ट सोसाइटी की विशेष कला प्रदर्शनी “माँ – अ हार्टबीट ऑफ एवरी होम” का भव्य उद्घाटन इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में महापौर मालती राय ने दीप प्रज्वलनं कर किया गया।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों में कवयित्री एवं लेखिका डॉ. चित्रा सिंह, वरिष्ठ कलाकार डॉ. सुषमा श्रीवास्तव तथा पद्मश्री चित्रकार भज्जी श्याम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
माँ की भावनाओं को समर्पित अनूठी प्रदर्शनी भी किया जायेगा.
यह प्रदर्शनी ‘माँ’ की उस शाश्वत भावना को समर्पित है, जो केवल एक शब्द नहीं बल्कि स्मृतियों, स्नेह और जीवन की मौन शक्ति का प्रतीक है।
प्रदर्शनी में देशभर के विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कलाकृतियों के माध्यम से मातृत्व के विविध आयाम—प्रेम, त्याग, स्नेह, संरक्षण और संघर्ष—को सजीव रूप में अभिव्यक्त किया गया है।
प्रदर्शनी की क्यूरेटर एवं लिखन्दरा आर्ट सोसाइटी की संस्थापक डॉ. अंकिता जैन ने अपने क्यूरेटर नोट में बताया कि यह आयोजन उनके लिए अत्यंत भावनात्मक है।
अपनी माँ को खोने के व्यक्तिगत अनुभव ने उन्हें इस प्रदर्शनी के माध्यम से एक ऐसा मंच तैयार करने के लिए प्रेरित किया, जहाँ हर व्यक्ति मातृत्व के इस गहरे संबंध को महसूस कर सके।
संवाद, संवेदना और सृजन का मंच
यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि स्मरण, आत्मचिंतन और भावनात्मक जुड़ाव का एक जीवंत अनुभव है।
यहाँ प्रदर्शित प्रत्येक कृति माँ के प्रति कलाकार की व्यक्तिगत अनुभूति और श्रद्धांजलि का रूप है, जो दर्शकों को अपने जीवन के सबसे अंतरंग संबंध से पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान करती है।
संग्रहालय के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे ने इस अवसर पर कहा कि मानव संग्रहालय सदैव ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहा है, जो समाज की सांस्कृतिक और भावनात्मक विरासत को सशक्त बनाते हैं।
बाल कला प्रदर्शनी ‘Dream Draw Display’ की घोषणा
इस अवसर पर लिखन्दरा आर्ट सोसाइटी द्वारा बच्चों के लिए आगामी कला प्रदर्शनी की भी घोषणा की गई।
6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित इस प्रदर्शनी में किसी भी प्रकार की थीम की बाध्यता नहीं होगी।
बच्चे चित्रकला, हस्तशिल्प, फोटोग्राफी, डिजिटल आर्ट तथा लघु मूर्तिकला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस आयोजन में लाइव आर्ट डेमोंस्ट्रेशन, पॉटरी वर्कशॉप, फेस पेंटिंग, स्टोरी टेलिंग सत्र एवं कला से जुड़े करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियाँ भी शामिल होंगी।
मानव संग्रहालय के जनसंपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार द्वारा कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया एवं संग्रहालय की ओर से नागरिकों, कला प्रेमियों एवं विद्यार्थियों से अनुरोध है किया कि वे इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर ‘माँ’ के इस अनमोल और सार्वभौमिक भाव को अनुभव करें।
इस प्रदर्शनी में 32 कलकारों की माँ पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शित हुई हैं।
कार्यक्रम में संग्रहालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ पी शंकर राव, राजेंद्र झरिया, सकमचा सिंह, सुनील अलपुरिया सहित अनेक कलाकार वरिष्ठ चित्रकार, दर्शक एवं स्कूल स्टूडेंट्स मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विशाखा राजुरकर ने किया।
