RK TV News
खबरें
Breaking Newsटिप्पणी

संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां: छत्तीसगढ़ का अल्पसंख्यक विरोधी धर्मांतरण-विरोधी कानून

RKTV NEWS/संजय पराते,23 मार्च।छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने कांग्रेस के बहिर्गमन के बाद विधानसभा से धर्मांतरण विरोधी कानून पारित करा लिया है और अब यह राज्यपाल की मंजूरी के लिए उनके ऑफिस में है। भाजपा सरकार के अनुसार यह कानून प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहे जबरन और अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से पारित किया गया है। मकसद सिर्फ इतना ही होता, तो वर्तमान कानूनों में ही इसकी पर्याप्त व्यवस्था है। लेकिन हाथी के दांत दिखाने और खाने के अलग-अलग होते हैं। असली बात यह है कि संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता के जो मूल्य निहित हैं, उसको निष्प्रभावी करना, अल्पसंख्यकों के अधिकारों का दमन करना और समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को तेज करना। यह इससे भी साबित होता है कि इस विधेयक को पारित करते हुए जय श्रीराम का नारा लगाना भाजपाई नहीं भूले। “राम-राम” के सौम्य अभिवादन को कट्टर सांप्रदायिक, असहिष्णु और आक्रामक छवि वाले अल्पसंख्यक विरोधी “जय श्रीराम” में बदलने का श्रेय तो आखिर संघी गिरोह को ही जाता है। इसलिए, यदि सदन में भाजपा विधायक इस विधेयक को कानून बनाते हुए यह नारा लगाते हैं, तो उसके निहितार्थ और संदेश बहुत ही स्पष्ट हैं।

छत्तीसगढ़ में भाजपा राज में अल्पसंख्यकों और उनके अधिकारों पर बहुत तेजी से हमले बढ़े हैं। खासकर ईसाई समुदाय के खिलाफ, धर्मांतरण के छद्म मुद्दे को केंद्र में रखकर ये हमले किए जा रहे हैं। हर दिन छत्तीसगढ़ के किसी-न-किसी हिस्से में धर्मांतरण किए जाने के शक और अपुष्ट आरोपों पर, संघी गिरोह द्वारा ईसाई समुदाय की प्रार्थनाओं पर हमले किए जाने और उत्पात मचाने की खबरें आ रही हैं। इन हुड़दंगियों को सरकार और प्रशासन का पूरा संरक्षण मिल रहा है। महज शक और झूठे आरोपों में उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, उनकी प्रार्थना को रोका जा रहा है, जबकि हमारा संविधान सभी धर्मों के लोगों को अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार पूजा-पाठ, प्रार्थना और नमाज की स्वतंत्रता देता है। इसी प्रकार, मुस्लिम लड़के और हिंदू लड़की के प्रेम-प्रसंगों को लव जिहाद का नाम दिया जा रहा है और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि संविधान दो वयस्क लोगों को प्रेम करने और विवाह करने की छूट देता है।

अपने सार रूप में यह कानून वास्तव में महिलाओं और युवाओं के खिलाफ है, क्योंकि यह एक वयस्क व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवन साथी चुनने की स्वतंत्रता पर हमला करता है। आज जब 18 वर्ष में युवाओं को मताधिकार दिया जा रहा है, यह मानना कि युवाओं में अपने जीवन साथी के बारे में सही फैसला लेने की समझ नहीं होती, पूरी तरह से पोंगापंथी सोच ही है, जिसे संघी गिरोह इस देश पर लादना चाहता है। यह कानून इस देश के नागरिकों की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार का सीधा-सीधा उल्लंघन है, क्योंकि दो अलग-अलग धर्मों के व्यक्तियों के बीच विवाह को बाधित करने और रोकने की कोशिश करता है।

यह हास्यास्पद है कि जिस कानून को कथित “लव जिहाद” की आड़ में लाया जा रहा है, जिसके बारे में पिछले कुछ वर्षों से केवल भ्रामक प्रचार चल रहा है, उसके बारे सरकार के पास कोई ठोस तथ्य नहीं है। संसद में ही मोदी सरकार में अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय ने माना है कि लव जिहाद नाम की कोई चीज नहीं है और न ही इसे पुष्ट करने के लिए कोई आंकड़े है। इसका अर्थ यही है कि मुस्लिम और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ संघी गिरोह का यह नफरती प्रचार है।

छत्तीसगढ़ के इस कानून में अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह ही धर्मांतरण करने और अंतर्धार्मिक विवाह के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसकी प्रमुख बात यह है कि इन कामों के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। धर्म किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत मामला और विश्वास है। इसी प्रकार, किसी व्यक्ति को किससे विवाह करना है, यह संबंधित व्यक्तियों की निजी पसंद का सवाल है और शुद्ध रूप से निजी मामला है। इसमें राज्य के हस्तक्षेप की अनुमति कैसे दी जा सकती है? यदि इस मामले में किसी कानून का उल्लंघन होता है या अपराध होता है, तो इससे निपटने के लिए भी वर्तमान कानूनों में पर्याप्त व्यवस्था है।

इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिलने की पूरी संभावना है। अन्य भाजपा शासित राज्यों में पारित इसी तरह के कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल ही रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को ऐसा कोई कानून बनाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना चाहिए था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार में धैर्य नहीं है, क्योंकि इस कानून का वास्तविक उद्देश्य तो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना और अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करना है।

संजय पराते
(टिप्पणीकार अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)

Related posts

मध्यप्रदेश:राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दी ईद-उल-फ़ितर की शुभकामनाएं।

rktvnews

अहमदाबाद में अपतटीय सुरक्षा समन्वय समिति की 135वीं बैठक का आयोजन; पूरे देश में अपतटीय सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया।

rktvnews

भोजपुर:शशांक शुभंकर को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पुरस्कृत होने पर पूर्व छात्र नेता डॉ. सुरेन्द्र सागर ने दी बधाई।

rktvnews

भोजपुर:भाकपा माले राज्य सचिव ने ली संदेश विधानसभा स्तरीय चुनाव संचालन समिति की बैठक।

rktvnews

नई दिल्ली:नागर विमानन मंत्रालय ने संविधान दिवस मनाया।

rktvnews

दरभंगा:उर्दू भाषा कोषांग की समीक्षा।

rktvnews

Leave a Comment