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राजस्थान:भारत की MICE इंडस्ट्री एक प्रमुख आर्थिक चालक बनने की राह पर, जो उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां उत्पन्न करेगी: पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

MICE क्षेत्र को मजबूती देने के लिए राज्य-प्रमुख प्रचार, सार्वजनिक-निजी साझेदारी और सुगम कनेक्टिविटी पर रहेगा विशेष जोर।

भारत में MICE पर्यटन को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत माना जाता है।

राजस्थान प्रदेश अब कॉन्सर्ट पर्यटन के क्षेत्र में भी तेज़ी से उभर रहा है, जो निवेश एवं साझेदारियों के खोल है रहा नए द्वार:उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

RKTV NEWS/जयपुर(राजस्थान)04 मई। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से आज 14वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (जीआईटीबी) के अवसर पर जयपुर, राजस्थान में ‘मीट इन इंडिया’ कॉन्क्लेव का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में 300 से अधिक डेलिगेट्स और प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय MICE कंपनियां/ऑपरेटर्स, घरेलू MICE कंपनियां/प्रोफेशनल कॉन्फ्रेंस ऑर्गेनाइजर, स्पीकर्स, जीआईटीबी के लिए आमंत्रित MICE में विशेषज्ञता प्राप्त विदेशी टूर ऑपरेटर, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव, मीडिया, विभिन्न पर्यटन और आतिथ्य संघों के हितधारक, स्थानीय हितधारक (होटल, डीएमसी, एसोसिएशंस, जीआईटीबी, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी, प्रदर्शक आदि) आदि शामिल थे।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कॉन्क्लेव को संबोधित किया और कहा कि भारत का मीटिंग, इन्सेन्टिव्ज, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशंस (MICE) उद्योग उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करने वाला एक प्रमुख आर्थिक चालक बनने के लिए तैयार है।
कॉन्क्लेव में संबोधित करते हुए, श्री शेखावत ने कहा, “भारत का MICE उद्योग तेजी से एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, जिसे मजबूत आर्थिक विकास, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और मजबूत सरकारी समर्थन से बल मिल रहा है। देश भर के राज्य अपने-अपने अनूठे तरीकों से पर्यटन के अवसरों का लाभ उठा रहे हैं – और अब समय आ गया है कि भारत वैश्विक MICE मानचित्र पर अपनी स्थिति मजबूत करे।
भारत मंडपम, यशोभूमि और जियो वर्ल्ड सेंटर जैसे प्रतिष्ठित स्थलों और इन्क्रेडिबल इंडिया कैम्पेन के तहत MICE को प्राथमिकता देने के साथ, हमारा लक्ष्य कम से कम 10 भारतीय शहरों को दुनिया के शीर्ष MICE स्थलों में शामिल कराना है। पर्यटन मंत्री ने MICE क्षेत्र में देश की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित होकर तथा राजस्थान जैसे राज्यों की विरासत और नवाचार के माध्यम से अग्रणी भूमिका के साथ, भारत दुनिया का सबसे प्रशंसित पर्यटन और आयोजन स्थल बनने की ओर अग्रसर है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष, श्री सुमन बेरी ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यटन और आतिथ्य दुनिया के सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ताओं में से हैं। उन्होंने भारत की युवा, महत्वाकांक्षी अर्थव्यवस्था में उच्च गुणवत्ता वाली, कौशल-प्रधान नौकरियां सृजित करने के लिए इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। केवल बुनियादी ढांचे के विकास से आगे बढ़कर व्यापक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए बेरी ने कहा, “नीति आयोग में हम MICE पर्यटन को केवल एक प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की अनिवार्यता के रूप में भी देखते हैं।” उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय, डि-रेगुलेशन और मंत्रालयों के बीच अलगाव को खत्म करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत को एक व्यापक पर्यटन अनुभव की ओर बढ़ना चाहिए, जिसमें आयोजनों, कल्चरल इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को एकीकृत किया जाए ताकि इसकी क्षमता को पूरी तरह से उपयोग में लिया जा सके।
श्री बेरी ने आगे जोर देते हुए कहा, “भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत विजन ने नए रास्ते खोले हैं। अब राज्यों को इस गति को बनाए रखना है। डि-रेगुलेशन से लेकर कॉन्सर्ट टूरिज्म तक, भारत के पास कार्यक्रमों और अनुभवों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने का अवसर है।”
एमआईसीई के उभरते हुए डेस्टिनेशन के तौर पर राजस्थान की बात करते हुए राजस्थान की उप मुख्यमंत्री, दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान केवल एक हेरिटेज डेस्टिनेशन ही नहीं है, बल्कि एमआईसीई पर्यटन के लिए एक जीवंत व भविष्य के लिए तैयार हब है।
अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर्स, सहज कनेक्टिविटी व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्व स्तरीय आतिथ्य के साथ हम डायनेमिक इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जो परिवर्तन के साथ परंपरा का संयोजन करता है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सांस्कृतिक समृद्धि से लेकर ग्रामीण पर्यटन सर्किट और नए डेस्टिनेशन के विकास तक राजस्थान के प्रत्येक भाग को उच्च-प्रभाव वाले आयोजनों की मेजबानी करने के लिए तैयार किया जा रहा है। हम मजबूत सार्वजनिक-निजी भागीदारी की शक्ति में विश्वास रखते हैं, जहां स्थानीय कारीगरों से लेकर लक्जरी होटल व्यवसायियों तक, जमीनी स्तर की लॉजिस्टिक टीमों से लेकर वैश्विक योजनाकारों तक हर कोई अपनी भूमिका निभाता है।
एमआईसीई के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता को सिर्फ अल्पकालिक प्रयास के रूप में नहीं, बल्कि विकास, नवाचार और ग्लोबल विजिबिलिटी को गति देने में रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में राजस्थान के संदर्भ में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान न सिर्फ कॉन्फ्रेंसों की मेजबानी के लिए तैयार है, बल्कि कभी ना भूलने वाला समृद्ध अनुभव प्रदान करने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आज राजस्थान केवल अपने भव्य किलों और महलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी शिल्पकला, भावपूर्ण लोकसंगीत, कालातीत वास्तुकला और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के साथ रुरल टूरिज्म और यहाँ की हॉस्पिटैलिटी के लिए भी जाना जाता है। राजस्थान कॉन्फ्रेंस और इवेंट्स के लिए भी नंबर वन होने वाला है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद देते हुए कहा कि- यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूर दृष्टि का परिणाम है। पहले मेड इन इंडिया हुआ, अब मीट इन इंडिया हो रहा है। राजस्थान एक कॉन्फ्रेंस डेस्टिनेशन के रूप में खड़ा हो रहा है।बहुत जल्द राजस्थान मंडपम शुरू होने जा रहा है। कॉन्सर्ट टूरिज्म फैसेलिटीज भी राजस्थान में ज्यादा जगह क्रिएट करेंगे, इसके लिए और अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्थान में बनने जा रहा है। राजस्थान वैश्विक मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह प्रदेश अब कॉन्सर्ट पर्यटन के क्षेत्र में भी तेज़ी से उभर रहा है, जो निवेश एवं साझेदारियों के नए द्वार खोल रहा है।
आज का राजस्थान एक ओर जहाँ अपनी परंपराओं को सहेजे हुए है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक बुनियादी ढांचे और पर्यटन-अनुकूल नीतियों के माध्यम से ग्लोबल टूरिज़्म हब बनने की ओर अग्रसर है। यह राज्य अब केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, बिजनेस मीटिंग्स, सांस्कृतिक मेलों और वैश्विक आयोजनों के लिए भी एक आदर्श गंतव्य बनता जा रहा है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने केंद्र से मिल रहे फंड के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इसी को डबल इंजन की सरकार कहते हैं।
ओडिशा की सरकार की उप मुख्यमंत्री प्रावती पारिदा ने कहा, चाहे कॉन्फ्रेंस हों या एग्जीबिशन, भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है, और ओडिशा इसके अग्रणी राज्यों में गर्व से शामिल हैं। पुरी की आध्यात्मिक शांति से लेकर कोनर के वास्तुकारिक चमत्कार तक, हमारा राज्य न केवल मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान कर रहा है, बल्कि सभी अनुभवों के लिए सांस्कृतिक टेपेस्ट्री प्रदान करता है।
भारत सरकार के पर्यटन के अतिरिक्त सचिव व महानिदेशक सुमन बिल्ला ने कहा कि भारत वैश्विक एमआईसीई पर्यटन का नेतृत्व करने के लिए तैयार है, जो कि एविएशन, बढ़ती हुई कनेक्टिविटी और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि एकीकृत राष्ट्रीय रणनीति, कुशल प्रतिभा, डिजिटल उपकरण, और राज्यों का मजबूत नेतृत्व हमें 2025 तक शीर्ष पांच एमआईसीई बाजारों में शामिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि भारत में पहले से ही आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार की मांग है, वास्तविक चुनौती समन्वय है। श्री बिल्ला ने शहर-स्तरीय कन्वेंशन प्रमोशन ब्यूरो, मजबूत नेशनल एमआईसीई ब्रांड, कौशल विकास अकादमियों और सहज डिजिटल पोर्टल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में वर्ष 2035 तक प्रमुख ग्लोबल एमआईसीई डेस्टिनेशंस में शामिल होने की क्षमता है।
फिक्की की पूर्व प्रेसिडेंट व फिक्की टूरिज्म कमेटी की मेंटर व ललित सूरी हॉस्पिटैलिटी ग्रुप की सीएमडी डॉ. ज्योत्ना सूरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत अब केवल लीजर डेस्टिनेशन ही नहीं है, बल्कि हम अब एक प्रमुख एमआईसीई डेस्टिनेशन बनने के लिए तैयार हैं। असाधारण इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्बाध कनेक्टिविटी के साथ, हमने जी-20 में हमारी उन क्षमताओं को साबित किया है, जो हमें बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलनों की मेजबानी में सक्षम बनाती हैं।
‘ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ और ‘मीट इन इंडिया’ जैसे मंचों के माध्यम से हम न सिर्फ अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित कर रहे हैं, बल्कि दुनिया को सहयोग करने व प्रेरित करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं और दुनिया को कह रहे हैं ‘मीट इन इंडिया’।
उद्घाटन समारोह में कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति और 300 से अधिक प्रमुख इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर शामिल हुए। इस मंच ने मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, रणनीतिक साझेदारी और डेस्टिनेशन ड्राइवन प्रमोशन के माध्यम से ग्लोबल एमआईसीई के परिदृश्य में नेतृत्व करने के लिए भारत की तत्परता को साकार किया।
भारत MICE बाजार ने 2024 में 49,402.6 मिलियन यूएसडी का राजस्व उत्पन्न किया और 13% CAGR की वृद्धि दर्ज करते हुए 2030 तक 103,686.5 मिलियन यूएसडी तक पहुंचने की उम्मीद है। यह वृद्धि वाराणसी, खजुराहो, कोच्चि आदि शहरों में MICE-रैडी डेस्टिनेशन के हाल में हुए विकास से प्रेरित है। पिछले दशक में भारत ने बुनियादी ढांचे में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है, चाहे वह 1,50,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो, नए रेलवे स्टेशन हों, सेमी-हाई स्पीड वाली ट्रेनें हों, अंतर्देशीय जलमार्ग हों, 150 से अधिक चालू हवाई अड्डे हों और 2.48 मिलियन से अधिक होटल कमरों की उपलब्धता हो। इसके अतिरिक्त, भारत द्वारा जी-20 देशों की मेजबानी से भारत के बढ़ते पर्यटन नेटवर्क और क्षेत्रीय पर्यटन क्षमता को बल मिला है।
कॉन्क्लेव के बाद, जीआईटीबी का 14वां संस्करण 5-6 मई को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में शुरू होगा। 55 देशों से आए 280 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और देश-विदेश के MICE व लीज़र ऑपरेटरों की सक्रिय भागीदारी के साथ, जीआईटीबी भारत में इनबाउंड टूरिज़्म व्यवसाय विकास के लिए अग्रणी मंच बना हुआ है।

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