हम बच्चों तथा अभिभावकों के सपनों के संग-साथ हैं : वी. आनंद कुमार
बच्चों के विविध कौशलों में निखार लाना हीं प्रदर्शनी का मूल उद्देश्य : प्रधानाचार्या नीशू जायसवाल
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)14 फ़रवरी।आज स्थानीय बी एस डीएवी पब्लिक स्कूल परिसर में बच्चों द्वारा भाषा, कला-शिल्प सह विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस ‘सृजनोत्सव’ प्रदर्शनी का उद्घाटन आरा नगर की मेयर इंदु देवी ने किया। इस दौरान मंच पर बतौर विशिष्ट अतिथि राममूर्ति प्रसाद, डीएवी बिहार प्रक्षेत्र ‘जे’ के अधिकारी वी. आनंद कुमार, डीएवी. धनुपरा प्राचार्य डा शशि शेखर सिंह, डीएवी. मोहनिया, प्राचार्य पी. सी दास तथा डीएवी. कोचस के प्राचार्य आर. एन. पाठक उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रधानाचार्या नीशू जायसवाल ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत किया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मेयर इंदु देवी ने कहा कि बी एस डीएवी आरा की एक श्रेष्ठ शैक्षणिक संस्था है। सुसंस्कार युक्त शिक्षा के क्षेत्र में इसका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मुझे खुशी है कि मेरे परिवार के बच्चों की आरंभिक शिक्षा इसी विद्यालय से हुई है।
प्रदर्शनी में उपस्थित प्रक्षेत्रीय अधिकारी वी आनंद कुमार ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बी एस डीएवी आरा शहर की श्रेष्ठ प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था है जो वर्षों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य पर काम करती रही है।
संस्था की यह भूमिका निरंतर बनी रहेगी। आनंद कुमार ने बताया कि आज की प्रदर्शनी में बच्चों तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षकों का साझा परिश्रम स्पष्ट दिख रहा है।
मेरी कामना है कि शैक्षिक उत्कृष्टता का यह संयुक्त प्रयास सतत जारी रहे। हमारा प्रयास है कि इस जनपद के बच्चों तथा अभिभावकों की कसौटी पर हम सदैव खरा बने रहें।
प्रधानाचार्या नीशू जायसवाल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा इस सफल आयोजन का श्रेय यहाँ के प्रतिभागी विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को जाता है।
उन्होंने सबका हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आपके सपनों को साकार करने में एक सहयोगी भूमिका अदा करते रहेंगे।
प्रदर्शनी में कला-शिल्प व विज्ञान के साथ-साथ भाषा-साहित्य, गणित, समाज विज्ञान विषयक कला-दीर्घाओं का आकर्षण सबको चमत्कृत कर रहा था। हिंदी, संस्कृत तथा अंग्रेजी व्याकरण तथा साहित्य के विविध प्रसंगों को बच्चों ने अपने चित्रों, माॅडल्स आदि के रूप में प्रस्तुत किया।
विज्ञान की दीर्घा में शरीर के विविध अंगों, सोलर सिस्टम, मिशाइल, तारामंडल तो खास रहे ही, वहीं गणित दीर्घा में जीवनोपयोगी गणित पद्धति के विविध रूप – स्वरूपों के मॉडल तथा चित्र भी खूब आकर्षित करते रहे।
वहीं मंडाला आर्ट, लिप्पन आर्ट तथा विविध चित्रों से पटे कला-शिल्प दीर्घा में बच्चों तथा अभिभावकों की भीड़ उसकी उत्कृष्टता की खुद गवाही दे रही थी।
इस प्रदर्शनी के दौरान वैदिक हवन – यज्ञ तथा स्वाधीनता संग्राम की कुछ झलकियाँ भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। बच्चों तथा सभी शिक्षक – शिक्षकेत्तर कर्मियों के साझे प्रयास से यह प्रदर्शनी सफल रही।


