
पटना/बिहार (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 जनवरी।अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बिहार पटना के तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सुभाष चंद्र पार्क स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि की गई। इस अवसर पर प्रांतीय पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रांतीय महामंत्री माया श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने नेताजी के पराक्रम और जोश तथा उनके जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय उद्बोधन में माया श्रीवास्तव ने नेताजी के प्रति श्रद्धा निवेदित करते हुए बताया कि सुभाष चंद्र बोस में बचपन से ही गरीबों की सेवा और मदद करने की प्रवृति थी।इनके पिता राय बहादुर जानकी नाथ बोस अंग्रेजों की क्रुरता को देखकर हुए अपनी पदवी लौटा दी थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस पहले भारतीय विद्यार्थी के रूप में इंडियन सिविल सर्विस की परीक्षा पास की । लेकिन भारतीय पुरुष महिला की फटेहाली और गुलामी स्वीकार नहीं थी।देश को पूर्ण स्वतंत्र बनाना चाहते थे, परतंत्रता की दास्तां से भारत मां को मुक्त रखना चाहते थे। महात्मा गांधी के साथ रहकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे लेकिन विचारधाराओं में भिन्नता होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे। इनका मानना था कि स्वतंत्रता कुर्बानी चाहती है इसलिए इन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया कि तुम मुझे खून दो मैं तुझे आजादी दूंगा। देश के सैनिकों के लिए जय हिंद का नारा दिया जो आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बन गया। उनके राजनीतिक गुरु चितरंजन दास और प्रेरक स्वामी विवेकानंद को मानते थे। इनमें समाज सेवा और देश सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ था ।हम सभी उनके सपनों को साकार करें।इनके जीवन से प्रेरणा लेते रहे यही इनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में सुनील कुमार श्रीवास्तव,मुकेश कुमार सिन्हा, अखिलेश प्रसाद सिन्हा,उमा शंकर प्रसाद वर्मा,डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा,अशोक कुमार सिन्हा,विशाल वर्मा,भीष्म नारायण,सौरभ कुमार,प्रिय रंजन सिन्हा,रवि , अर्पणा बाला, रंजय कुमार ,दीपू जी आदि रहे।
