सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “हमारे लिए हस्तक्षेप करने के लिए कुछ भी नहीं है। यह सार्वजनिक रोजगार का मामला है, अनुबंध का नहीं।”
RKTV NEWS/नयी दिल्ली,10अप्रैल।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय सेना और वायु सेना के लिए शुरू की गई भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी, जिन्हें जून 2022 में ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा के बाद बंद कर दिया गया था। याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखने के खिलाफ दायर की गई थीं। अग्निपथ योजना के अनुसार 17-साढ़े 23 वर्ष की आयु के लोगों को चार साल के कार्यकाल के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए आवेदन करने के लिए पात्र बनाया गया था।मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने यह कहते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया कि उम्मीदवारों के पास भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का कोई निहित अधिकार नहीं है। पीठ ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि ‘वचनबद्धता विबंधन (प्रॉमिसरी एस्टॉपेल ) का सिद्धांत’ लागू होगा और कहा कि पिछली भर्ती प्रक्रियाओं के साथ आगे नहीं बढ़ने के निर्णय को मनमाना नहीं कहा जा सकता। यह देखा गया कि जब बड़े सार्वजनिक हित शामिल हों तो प्रॉमिसरी एस्टॉपेल लागू नहीं होगा।


