गृहमंत्री अमित शाह माफी मांगें:वामदल
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)30 दिसंबर।डा०अंबेडकर पर संसद में अपमानजनक टिप्पणी करने के खिलाफ वामदलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आरा में प्रतिवाद मार्च निकाला!यह प्रतिवाद मार्च बस स्टैंड से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नवादा चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया!सभा को संबोधित करते भाकपा-माले की राज्य कमेटी सदस्य व अगिआंव विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि डा०अंबेडकर ने अपने विचारों और संविधान के जरिए समाजवादी,धर्मनिरपेक्ष और समानता के आदर्श वाले भारत की नींव रखी थी!इसलिए देश के करोड़ों दलितों-वचितों के अंबेडकर आदर्श हैं!अमित शाह का बयान देश के दलितों,आदिवासियों,अल्पसंख्यकों,महिलाओं और आम जनता की भावनाओं का ठेस पहुंचाने वाला है!संघ और भाजपा के संविधान को हटाने की साज़िश के रास्ते में डा अंबेडकर और अंबेडकर के विचार चट्टान की तरह अटल खड़े हैं!यही वजह है कि शाह अंबेडकर के प्रति अपने विद्वेष को छिपा नहीं पा रहे हैं!भाजपा संविधान को बदलकर मनुस्मृति और हिंदुत्व की विचारधारा लागू करने की साज़िश कर रही है!लेकिन भारत के संविधान का स्वर, मनुवाद नहीं है बल्कि अंबेडकर के समतामूलक समाज का स्वप्न और विचार है!
आगे विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि डॉ० भीम राव आंबेडकर गरीबों,दलितों,वंचितों के साथ-साथ देश के हर नागरिक की आवाज हैं लेकिन संसद में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉ०भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी बेहद अपमानजनक और संघ-भाजपा की मनुवादी मानसिकता का प्रमाण है!गृह मंत्री द्वारा बार-बार अंबेडकर का नाम लेकर उपहास करना भाजपा और आरएसएस के अंबेडकर के प्रति विद्वेष को अभिव्यक्त करता है!
अमित शाह ने देश की जनता को नीचा दिखाने का काम किया है तुरन्त अमित शाह को देश की जनता से माफी मांगते हुए इस्तीफ़ा देना चाहिए!
सभा को संबोधित करते भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने कहा कि, डॉ०भीमराव अंबेडकर भारतीय समाज के उत्थान और आधुनिक भारत के निर्माण में अद्वितीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व हैं!उन्होंने न केवल दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया,बल्कि समता,स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित एक ऐसे लोकतांत्रिक समाज की परिकल्पना की,जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त हो!उनका नेतृत्व और दृष्टिकोण भारतीय संविधान की आधारशिला है,जिसे आज पूरी दुनिया में सराहा जाता है!ऐसे महान व्यक्ति के योगदान और उनके विचारों पर संसद जैसे गरिमामय मंच से किसी भी प्रकार की असंवेदनशील या अनुचित टिप्पणी करना न केवल अंबेडकर की महानता का अपमान है,बल्कि यह उन करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करता है,जो उनके विचारों और सिद्धांतों को अपने जीवन का हिस्सा मानते हैं!
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में डॉ०अंबेडकर पर की गई टिप्पणी बेहद शर्मनाक और अपमानजनक है और यह समाज को विभाजित करने वाली मानसिकता को दर्शाती है!हम इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि अमित शाह को गृह मंत्रालय से बर्खास्त किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री की इस टिप्पणी के लिए देश की जनता से माफी मांगें!प्रतिवाद सभा का संचालन भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य अमित कुमार बंटी ने किया!प्रतिवाद सभा में भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा,नगर सचिव सुधीर कुमार सिंह,इंनौस जिलाध्यक्ष निरंजन केसरी,इंसाफ मंच के जिला सचिव अजय गांधी,सुधीर कुमार यादव,नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव,हरिनाथ राम,मिल्टन कुशवाहा,आइसा जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा,गणेश कुशवाहा,बब्लू गुप्ता,संतविलास राम,आइसा नेता जयशंकर प्रसाद,कृष्णरंजन गुप्ता,साहिल अरोरा,चंदन कुमार दास,अनिल वर्मा सहित कई लोग शामिल थे।

