
RKTV NEWS/उज्जैन(मध्यप्रदेश)21 दिसंबर। उज्जैन के कंचन पूरा मक्सी रोड की निवासी मनीषा, 39 वर्षीय एक मजबूत और आत्मनिर्भर महिला हैं। कई साल पहले उनके पति का असामयिक स्वर्गवास हो गया, जिससे उनकी जिंदगी संघर्षों से भर गई। अपनी एकमात्र बेटी की पढ़ाई और घर का खर्च चलाने की जिम्मेदारी अकेले मनीषा पर आ गई। उन्हें अधिकतर सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नही थी जिससे उनके जीवन में आर्थिक चुनौतियां बनी रहीं। मनीषा घर के काम ओऱ बेटी की देखरेख के साथ साथ रिसेप्शनिष्ठ का कार्य कर रही है पर उस से खर्चे पूरे नहीं हो पाते थे।
परिवार के माध्यम से मनीषा को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने पंजीयन करवा लिया औऱ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर आई। जब यह योजना शुरू हुई, तो मनीषा को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। कुछ समय बाद, सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया। यह बदलाव मनीषा के जीवन में बड़ी राहत लेकर आया।
मनीषा बताती हैं, “लाडली बहना योजना ने मेरी जिंदगी को काफी हद तक आसान बना दिया है। अब मुझे अपनी बेटी की पढ़ाई के खर्च के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। साथ ही, यह राशि मेरे खुद के छोटे-मोटे खर्चों को भी पूरा कर देती है। सामान्य वर्ग में होने के बावजूद इस योजना का लाभ मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
वह आगे कहती हैं, “मेरे लिए यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिनकी दूरदर्शी सोच ने मुझे और मेरी बेटी को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का मौका दिया है।”
मनीषा की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही योजनाएं समाज के हर वर्ग की जरूरतों को पूरा कर सकती हैं। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना ने न केवल मनीष की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का अनुभव भी कराया है। उनकी यह सफलता अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती है कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ें।
