RK TV News
खबरें
Breaking Newsकलासाहित्य

कवियत्री की शब्दों में दांपत्य उलझनों की पीड़ा। शालिनी ओझा की कलम से।

RKTV NEWS/शालिनी ओझा, 01अप्रैल। दांपत्य जीवन की उलझनों की शाब्दिक भावनात्मक रचना कवियत्री शालिनी ओझा की कलम से…..

मै अख़बार होती

काश मैं अखबार होती

ना फिर मै बेजार होती

सुबह सवेरे ही तुमको

मेरी भी दरकार होती।

काश मैं अखबार होती…

जिसे देखते बड़े ध्यान से

नजरे ना हटा पाते

चाहे दुनिया इधर उधर हो जाए

संग तेरे अभिसार होती।

काश में अखबार होती।

जाड़ा गर्मी या बरसात

बेकल रहते दिन हो या रात

जब तलक आऊ ना मैं हाथ

तुम्हारी ये बेचैनी स्वीकार करती।

काश मैं अखबार होती..

चुस्कियां लेते चाय की

पढ़ते जबकि तुम मुझे

भीग के बारिश में धुंधली पड़ जाती

यही मै प्रतिकार करती।

काश मैं अखबार होती………✍️

Related posts

भोजपुर:चरपोखरी+2 विदयालय में खेलो और सीखो विषय पर पोस्टर,स्लोगन, व भाषण प्रतियोगिता आयोजित।

rktvnews

पर्यावरण एवं जल संरक्षण क्षेत्र में कार्य करने वाले नामचीन हस्तियों को परिवर्तन संस्था लखनऊ में करेगी सम्मानित।

rktvnews

डूरंड कप ‘ट्रॉफी टूर’ को सेवा प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

rktvnews

योगी आदित्यनाथ ने की ‘शतक’ की सराहना ,कहा “आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी यह फिल्म एक प्रेरणादायी पहल है”

rktvnews

मध्यप्रदेश:दुबई में भारतीय दूतावास स्तर पर स्थाई संपर्क तंत्र विकसित करने पर सहमति।

rktvnews

रायपुर : अब जंगल में ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों की ओर नहीं जाते पहाड़ी कोरवा राजकुमारी के कदम।

rktvnews

Leave a Comment