
आपदा सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में जुटा BSDMA का पवेलियन।
RKTV NEWS/सोनपुर(सारण )23 नवंबर। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सोनपुर मेला स्थित पवेलियन में आपदा से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। पवेलियन के मुख्य द्वार पर मुखौटा लगाए जोकर अपने नृत्य और हाव-भाव से दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। यहाँ कई स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जो आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
बिहार अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, वोलट्रोन (एआर/वीआर), उत्कर्ष एक पहल, गतिविधि, युगांतर, बिहार मौसम सेवा केंद्र, ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयक, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान, और दिव्यांगजन कार्यक्रम जैसे विभिन्न संगठनों के स्टॉल से लोग जागरूक हो रहे हैं। मेला परिसर में 10 से अधिक जन-जागरूकता टीमें घूम-घूमकर आपदा से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को प्रशिक्षित कर रही हैं।
शनिवार को प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान ने विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का जायजा लिया। उन्होंने सभी हितधारकों से पवेलियन में आने वाले मेलार्थियों को तत्परता के साथ आपदा से बचाव की जानकारी देने का आह्वान किया।
पवेलियन के मंच पर नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को कन्या मध्य विद्यालय, पहाड़ीचक, सोनपुर की छात्राओं ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं की जानकारी ली। युगांतर, पटना की टीम ने बच्चों के बीच मुकरी (पहेली) प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। नागरिक सुरक्षा टीम ने मॉक ड्रिल के माध्यम से बच्चों को आपातकालीन स्थिति में घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की विधि सिखाई। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मास्टर ट्रेनर ने बच्चों को आपदा प्रबंधन के उपायों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त, पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से आपदा से बचाव के उपाय प्रदर्शित किए। एसडीआरएफ की टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सर्पदंश से बचाव, अंधविश्वास से परहेज, और तुरंत अस्पताल जाने की आवश्यकता पर जागरूक किया। वहीं, कठपुतली शो के जरिए वज्रपात और ठनका से बचाव के उपाय बताए गए। मंच पर सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीड के खतरों, और सड़क दुर्घटना के बाद घायल को समय पर अस्पताल पहुँचाने के महत्व को दर्शाया गया।
पवेलियन में वोलट्रोन एआर/वीआर तकनीक के माध्यम से आग, भूकंप, वज्रपात जैसी आपदाओं से बचने के अनुभव प्रदान किए जा रहे हैं। यह स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने भूकंपरोधी मकान निर्माण के लिए सुझाव दिए, जैसे मिट्टी की जांच कराना, इंजीनियर से डिजाइन बनवाना, ताजा सीमेंट और साफ सामग्री का उपयोग करना। एसडीआरएफ ने प्राथमिक चिकित्सा, सड़क दुर्घटनाओं और सर्पदंश से संबंधित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयक द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवाओं का वितरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। थ्री-डी प्रदर्शनी के माध्यम से भारत के जलमार्गों और ऐतिहासिक यात्रा का अनुभव कराया जा रहा है।
