
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 सितंबर। शुक्रवार को बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर के कोईलवर प्रखंड के मोहकमपुर गांव में पशु चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया । पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के ज्ञान रथ द्वारा गौपालन, बकरी पालन, मुर्गीपालन, बटेर पालन प्रबंधन से संबंधित विभिन्न चलचित्र दिखाए गए ।वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन डॉ अंकेश कुमार एवं डॉ रविकांत निराला तथा डॉ एस के भारती के द्वारा पशुओं के बांझपन एवं इस मौसम में होने वाले विभिन्न प्रकार के बीमारियों से बचाव के निदान बताए गए और पशुओं का स्वास्थ्य जांच भी किया गया। गर्भधारण में पशुओं में हो रही समस्याओं तथा कृत्रिम गर्भधारण के लाभ की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सलाह दिया कि बच्चा देने के 70 दिन पूर्व पशुओं का दूध निकालना बंद कर देना चाहिए । इससे बच्चे का विकास अच्छा रहता है और अगले ब्यात में पशु पर्याप्त मात्रा में दूध भी देंगे। थनैला एवं मुंहपका खुरपका बीमारियों के बारे में आवश्यक सावधानी भी बताई गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शशि भूषण कुमार शशि ने वार्षिक एवं बहू वार्षिक चार फसल उत्पादन पर प्रकाश डाला है एवं पशुशाला में सफाई रखने से बहुत प्रकार के संक्रमण से पशुओं को बचाया जा सकता है। इस कार्यक्रम में यंग प्रोफेशनल अमित कुमार एवं तकनीकी सहायक अंकित उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के संदर्भ मे जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉक्टर पीके द्विवेदी ने कहा कि कल जलपुरा में ज्ञान रथ के माध्यम से किसानों को पशुपालन संबंधित जानकारियां दी जाएगी। इसके साथ में गोबर के बेहतर प्रबंधन हेतु गोबर गैस तथा कंपोस्ट बनाने की जानकारी भी दी जाएगी जिससे आसपास का परिवेश साफ सुथरा रहे और खेतों के लिए एक अच्छी संतुलित खाद भी उपलब्ध हो।
