
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 अगस्त। गुरुवार को स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय एवं संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का प्रारम्भ दीपप्रज्ज्वालन से हुआ । तत्पश्चात् वैदिक मंगलाचरण धरणीधर एवं अंकित द्वारा प्रस्तुत किया। लौकिक मंगलाचरण के क्रम में नम्रता पाठक ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया । स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अनुज रजक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृत भाषा के महत्त्व पर प्रकाश डाला । कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीसनातनशक्तिपीठ के अध्यक्ष डा. भारतभूषण पाण्डेय ने भारतीय संस्कृति के रक्षार्थ संस्कृत के आवश्यकता को रेखांकित किया । विशिष्ट अतिथि जगजीवन कालेज के प्रधानाचार्या प्रो.आभा सिंह ने अपने उद्बोधन में संस्कृत-दिवस के मनाने की परम्परा एवं संस्कृत अध्ययन के वैदिक परम्परा तथा गुरु शिष्य के सम्बन्धों की पर सुन्दर विचार प्रकट किया । विशिष्ट अतिथि संस्कृतभारती के प्रान्त उपाध्यक्ष श्रीवेदनिधि शर्मा ने भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रासंगिकता पर विचार प्रकट किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृतभारती के जनपद अध्यक्ष प्रो. श्रीप्रकाश राय ने किया , उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रतिष्ठित थी । समारोह में स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग की छात्रा मानसी, साधना, श्रेया, स्वीटी , कृति, पिंकी,उषा द्वारा संस्कृत में स्वागतगीत प्रस्तुत किया । विभाग के छात्र त्रयंबक तिवारी ने संस्कृत के महत्त्व पर सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। जैन कालेज की छात्रा सलोनी ने संस्कृत भाषा में अपने विचार को प्रकट किया । जैन कालेज के शिक्षक डा. संजय चौबे ने इस अवसर पर संस्कृत के वर्तमान समय में दशा एवं दिशा पर चर्चा करते हुए संस्कृत को कम्प्यूटर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त भाषा कहा । कार्यक्रम की संयोजिका डा. अंकिता मिश्रा नें संस्कृत-दिवस की सार्थकता एवं संस्कृत भाषा के अध्ययन की आवश्यकता पर विचार प्रकट किया । प्रो. बलराज ठाकुर ने भी संस्कृत दिवस के आवश्यकता पर चर्चा किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन जगजीवन कालेज के शिक्षक डा. सत्येन्द्र पाण्डेय द्वारा किया गया । धन्यवाद ज्ञापन महाराजा कालेज के शिक्षक डा. ओमप्रकाश आर्य ने किया । प्रस्तुति देने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिया गया। कार्यक्रम में डा. मालविका तिवारी, डा. संगीता, प्रो. किस्मत सिंह , प्रो. दिवाकर पाण्डेय, प्रो. दूधनाथ चौधरी ,डा. गौतम सिंह , डा. नवनीत राय,डा. मुकेश , दिव्यांशु, प्रेमशंकर,धर्मेंद्र, नीरज , राज सिंह , अमित आदि उपस्थित रहे।
