
रेडक्रास भवन में डीसी मोनिका गुप्ता ने किया उद्घाटन।

मुफ्त में होगी सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग की रिपेयरिंग।

वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों को सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग होंगे उपलब्ध।
RKTVNEWS/नारनौल(हरियाणा)14 अगस्त। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत भारत सरकार के उपक्रम एलिम्को की पहल पर प्रदेश का पहला प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र (पीएमडीके) जिला महेंद्रगढ़ में खुल गया है। उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने आज नारनौल के रेडक्रास भवन में इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर डीसी ने चार पात्र दिव्यांगों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल वितरित की।
इस मौके पर डीसी ने नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र खोलने का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना है।
दिव्यांग व्यक्तियों का सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक पुनर्वास के लिए सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की एडीआईपी योजना के तहत पात्र दिव्यांगों (4 प्रमुख दिव्यांगताओं अर्थात अस्थि दिव्यांगता, श्रवण दिव्यांगता, दृष्टि दिव्यांगता और बौद्धिक दिव्यांगता को कवर करते हुए) को सहायता और सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण किए जाते है। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट फोन आदि जैसे उपकरण शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दिव्यांग जनों की ट्राइसाइकिल व व्हीलचेयर जैसे उपकरणों में कुछ साल बाद खराबी आने लगती है। ऐसे में दिव्यांगजनों के लिए इस तरह के उपकरणों को रिपेयर करने के लिए यह केंद्र कारगर साबित होगा। अब इस केंद्र पर दिव्यांगजन के लिए मुफ्त में सहायक उपकरणों की रिपेयरिंग की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि अब तक जिला रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से पूरे साल दिव्यांग जनों के लिए सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग के लिए पंजीकरण किया जाता है। इसके बाद साल भर में कैंप लगाकर यह वितरित किए जाते हैं। अब इस व्यवस्था को खत्म करते हुए पात्र नागरिकों को पंजीकृत करते ही सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग मौके पर ही मुहैया करवाए जाएंगे। इसके लिए अब दिव्यांगजनों को लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। इस मौके पर डीसी ने कई नागरिकों को आजीवन सदस्यता ग्रहण कराई।
इस मौके पर एलिमको के नोडल अधिकारी एसके रथ व प्रियंका, सचिव बलवान सिंह, डा एसपी सिंह, जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

