
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)07 अगस्त।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक और हेड डॉक्टर पीके द्विवेदी ने बताया की केंद्र और बिहार सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में विकास के लिए कई तरह की सुविधा बढ़ाई जा रही है ताकि पढ़ाई के साथ-साथ अनुसंधान और कृषको के जीवन स्तर को सुधारा जा सके।इसी क्रम में
बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर “इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी” का एक क्षेत्रीय शाखा खोलने जा रहा है और इसे बिहार में “बीएयू सबौर चैप्टर ऑफ इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी” का नाम दिया गया है।जिसका निर्णय 2 अगस्त 2024 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बी ए यू), सबौर के अनुसंधान निदेशक और आई एस ए, बिहार के काउंसलर डॉ. ए.के. सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान लिया गया।
शुरुआत के लिए बीएयू, सबौर के तहत 10 कॉलेजों, 14 क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों और 22 कृषि विज्ञान केन्द्रों के कुल 86 वैज्ञानिक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से जुड़े।क्षेत्रीय चैप्टर (शाखा) का उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों में बीएयू और अन्य अध्यायों के सभी कृषि विदों के साथ संगोष्ठी, सम्मेलन और कार्यशाला आयोजित करके समूह चर्चा के माध्यम से क्षेत्रीय हित की वैज्ञानिक जानकारी का आदान-प्रदान करके भारतीय कृषि विज्ञान सोसायटी के उद्देश्यों को बढ़ावा देना है।
चयनित कार्यकारिणी सदस्य:
अध्यक्ष: डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक अनुसंधान, बीएयू, सबौर,उपाध्यक्ष: डॉ. एस.के. पाठक, चेयरमैन एग्रोनॉमी, बीएसी, सबौर, संयोजक: डॉ सुबोरना रॉय चौधरी, सहायक
प्रोफेसर-सह-जूनियर वैज्ञानिक, बीएसी, सबौर
सह संयोजक: डॉ उदय कुमार, आईआरएस, खगड़िया,कोषाध्यक्ष: डॉ. एस.एस. आचार्य, सहायक प्रोफेसर-सह-जूनियर वैज्ञानिक, बीएसी, सबौर आदि है।

