
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)18 जुलाई। आज राज्य संविदा एएनएम संघर्ष मोर्चा गोप गुट भोजपुर के एएनएम कर्मचारियों ने विशाल प्रदर्शन सिविल सर्जन भोजपुर के समक्ष किया,। प्रदर्शन का नेतृत्व कर्मचारी महासंघ गोप गुट भोजपुर के जिला सचिव उमेश कुमार सुमन, चिकित्सा ज़न स्वस्थ्य कर्मचारी संघ भोजपुर के जिला सचिव उमा शंकर सिंह, अनिल कुमार, एएनएम संघर्ष मोर्चा की जिला संयोजक सपना कुमारी, कोषाध्यक्ष दीप्ति कुमारी, स्नेह लता,कुमारी विमला, कुमारी ज्योति, अनुराधा कुमारी ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता सपना कुमारी ने किया, संचालन सोनी सागर ने किया।
धरना प्रदर्शन में शामिल कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला सचिव उमा शंकर सिंह स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए आज राज्य सरकार के कर्मी पूरे बिहार में सिविल सर्जन के यहा प्रदर्शन कर रहे है। विगत 12 दिनों से कार्य बहिष्कार किया है, पूरा स्थिति चरमराई है आम लोग परेशान है। पीएचसी पूरा बंद है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री, और मुख्य मंत्री सहित राज्य सरकार चुप चाप मस्त है।
उन्होंने कहा की यदि समय रहते एएनएम के सवालों पर विचार नहीं किया गया तो एएनएम का आंदोलन 23 जुलाई को पटना में विशाल कार्यक्रम के रूप में होगा।जिसने पूरे बिहार से एएनएम आएगी। एएनएम संविदा संघर्ष मोर्चा की संयोजक सपना कुमारी ने भी अपने संबोधन में कहा कि एएनएम को डरने की जरूरत नहीं है, हम सभी के साथ कर्मचारी महासंघ गोप गुट बिहार है, साथ ही तमाम ट्रेड यूनियन भी है, आज पूरे बिहार के जिला सिविल सर्जन के यहां एएनएम का जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे बिहार के पीएचसी में एएनएम द्वारा कार्य वहिष्कार किया जा रहा है।उन्होंने कहा की 23 जुलाई को पटना में भोजपुर से एएनएम की शत प्रतिशत उपस्थिति होनी चाहिए, ताकि हमारी मांग पर राज्य सरकार जल्द निर्णय ले सके, नहीं तो आंदोलन आगे भी चलेगा।कार्यक्रम में जिला सचिव उमेश कुमार सुमन ने कहा कि एएनएम संविदा कर्मियों की मांग के साथ पुराना पेंशन की मांग भी चल रहा है। सेवा निवृति के बाद कर्मी का सहारा पुराना पेंशन है, जिसे केंद्र सरकार 2004 से बंद किया है, और स्वयं केंद्र सरकार और राज्य सरकार के निर्वाचित सदस्य पूर्व निर्वाचित सदस्य दो दो तीन तीन पुराना पेंशन ले रहे हैं लेकिन केंद्र और राज्य कर्मियों के लिए एनपीएस लागू किया गया है जो ठीक नहीं है।हम सभी कर्मियों का पुराना पेंशन लागू होना चाहिए नहीं तो पुराना पेंशन के लिए भी आंदोलन तेज होगा, साथ ही संविदा मानदेय आउट सोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों को नियमित करना होगा, और समान काम के बदले समान वेतन लागू करना होगा, इस रिपोर्ट को राज्य सरकार लागू नहीं कर रही है।
जो कर्मियों के साथ दोहरी नीति है,,कार्यक्रम को सभी पीएचसी से उपस्थित एएनएम ने भी संबोधित किया।जिनमे आरती कुमारी, उर्वशी कुमारी, सुजाता कुमारी, शोभा रानी, गीता कुमारी, प्रमिला कुमारी, अनु कुमारी, बबीता कुमारी ,बबीता देवी, रीता कुमारी, बिनु कुमारी, ममता, अंशु माला, अनुराधा सोनी, भगत रंजन, अंजनी प्रिया,प्रीति ज्योति, सुधा, कंचन ,प्रियंका ,निकिता, अर्चना, दीप्ति, नीलम, नूतन ,कंचन, प्रतिमा, पुष्पांजलि, चांदनी, सुमन, मीता, स्नेह लता, रिंकू, सपना, नूतन शर्मा, कुमारी बिमला ,प्रिया ,गीता, आदि थी। संघर्ष मोर्चा द्वारा मांग पत्र की कॉपी को सिविल सर्जन भोजपुर को पांच सदस्यीय टीम कार्यालय में जाकर दिया और अंत में संयोजिका सपना कुमारी ने कहा कि 23 जुलाई को पूरे भोजपुर सहित बिहार की एएनएम और आशा कर्मी भी पटना में आएगी।

