
RKTV NEWS/वैशाली (बिहार)20 जून।कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा वैशाली जिला में अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।
वैशाली जिला अंतर्गत देवचंद महाविद्यालय के परिसर में अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास संचालित है। इसमें 100 छात्रों के आवासन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही अक्षयवट महाविद्यालय, महुआ परिसर में जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास संचालित है। इसमें भी 100 छात्रों के रहने की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान एवं खाद्यान्न योजना के तहत छात्रावासों में रहकर अध्यनरत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्राओं को प्रत्येक माह ₹1000 छात्रावास अनुदान की सुविधा प्रदान की जाती है तथा छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिमाह 15 किलोग्राम की दर से खाद्यान्न की आपूर्ति की जाती है, इसमें 9 किलोग्राम चावल तथा 6 किलोग्राम गेहूं की आपूर्ति की जाती है।
जिला कल्याण पदाधिकारी, वैशाली ने बताया कि सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा प्रत्येक पंचायत वार्ड में विकास मित्र द्वारा तीन किशोरी एवं एक किशोर समूह का गठन किया गया है। विकास मित्र द्वारा समूह के किशोर-किशोरी सदस्यों को साथ बैठक कर स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विवाह, दहेज प्रथा उन्मूलन तथा मद्य निषेध इत्यादि विषयों पर चर्चा करते हुए जागरूक किया जाता है।
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्राओं को यूपीएससी, बीपीएससी एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र जमुनी लाल महाविद्यालय परिसर में संचालित है, जिसमें 60-60 विद्यार्थियों के दो बैच चल रहा है। प्रशिक्षण अवधि प्रत्येक बैच का 6 महीने के लिए है।
बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति के मैट्रिक पास 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवक युवतियों को सिपेट, हाजीपुर द्वारा प्लास्टिक मोल्डिंग एवं अन्य प्लास्टिक ट्रेड से संबंधित आवासीय प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाता है एवं सिपेट द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को रोजगार की गारंटी दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 60 छात्रों को सिपेट, हाजीपुर द्वारा प्लास्टिक ट्रेड से संबंधित आवासीय प्रशिक्षण दिया गया।
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत सामुदायिक भवन सह वर्कशेड का निर्माण कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत 9 सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
अनुसूचित जाति के परिवार से आने वाले प्रतिभावान छात्रों के अध्ययन हेतु राजकीय अंबेडकर कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय, दिग्घी, हाजीपुर में संचालित है, जिसमें रहने वाले छात्राओं को भोजन, वस्त्र, दवा, पाठ्य पुस्तक निशुल्क प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2023–24 में कुल 484 छात्राएं अध्यनरत रही हैं और वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 409 छात्रा अध्यनरत है। अनुसूचित जाति जनजाति के व्यक्तियों पर अपराध, प्रताड़ना किए जाने पर पीड़ित व्यक्तियों को अत्याचार के प्रकृति के अनुसार राहत अनुदान (मुआवजा) पुनर्वास हेतु राहत राशि एवं न्यायिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 187 एफआईआर दर्ज हुआ, जिसमें 232 पीड़ित एवं 35 पेंशनधारी को 384.97 लाख रुपया भुगतान किया गया।
