
आने वाले मौसम में मच्छर जनित बीमारियों से सावधान रहने की जरूरत : डीसी मोनिका गुप्ता
सभी नागरिक सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाए
कूलर, टायर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों को करें साफ
RKTVNEWS/नारनौल(हरियाणा )19 जून। आने वाले मौसम में मच्छर जनित बीमारियों से सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में जिला के सभी नागरिक सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाए। इस दिन नागरिक अपने कुलर, टायर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों को साफ करें। उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने आज लघु सचिवालय में अधिकारियों की जिला स्तरीय मलेरिया समिति की बैठक के दौरान आमजन से ये आह्वान किया।
डीसी ने कहा कि जिला में अब तक 97 जोहड़ों में गम्बुज़िया मछली डाली जा चुकी हैं। जिला में कुल 300 जोहड़ों में गम्बुज़िया मछली डाली जाएंगी। उन्होंने डीडीपीओ को जल्द से जल्द सीएमओं को जोहड़ों की लिस्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने आईएमए को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा जो जांच की राशि निर्धारित की गई है उससे ज्यादा फीस ना लें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल खुलने के बाद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को जागरूक करें।
बैठक में सिविल सर्जन डा. रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि तेज बुखार, सर्दी व कंपन, सिर दर्द तथा उल्टी लगना मलेरिया के मुख्य लक्षण हैं। बुखार होने पर नागरिक तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर खून की जांच करवाएं। मलेरिया की जांच व उपचार ग्राम स्तर तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर मलेरिया की जांच करते हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया पाए जाने पर 14 दिन का पूर्ण उपचार कराएं।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. रमेश चंद्र आर्य, डीडीपीओ हरि प्रकाश बंसल के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मच्छरों को पनपने से रोकने के कुछ सरल उपाय
सिविल सर्जन रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि घर में रखे बिना ढके पानी के बर्तन व छत पर टंकी में एकत्रित पानी में मच्छर पैदा होते हैं। इनको हमेशा ढ़क कर रखें। सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को अवश्य सुखाकर ही पानी भरें। यदि कूलर उपयोग में ना लाए जा रहे हो तो रगड़कर साफ करके सुखाकर ही रखें। अपने घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। पानी से भरे गड्ढों में मिट्टी भर दें। यदि यह सम्भव न हो तो खड़े पानी में मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल व टैमीफोस दवाई डाल दें। ठहरे हुए पानी यानी तालाबों में गम्बुज़िया मछली डालें। यह मछली मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा को खा जाती है।
मच्छर से बचने के ये हैं तरीके
सिविल सर्जन रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए सभी को खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को मच्छरदानी या मच्छरनाशक क्रीम का प्रयोग करना चाहिए
घर के दरवाजे व खिड़कियों पर उपयुक्त जाली इस्तेमाल करें।
निश्चित करें कि कीटनाशक छिड़काव के समय घर के सभी कमरों में छिड़काव हो। छिड़काव के बाद कम से कम 3 महीनों तक लिपाई, सफेदी और रंग रोगन ना करें। घरों में छिड़काव के समय सहयोग दें। पूरी बाजू के कपड़े पहने।
जिला में वर्ष 2017 से 2023 तक डेंगू के मामले
सिविल सर्जन डॉक्टर रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि जिला में वर्ष 2017 में डेंगू के तीन केस थे। वर्ष 2018 में चार, 2019 में 10, 2020 में सात, 2021 में 161, 2022 में 72 व वर्ष 2023 में कुल 44 केस आए थे। उन्होंने बताया कि जिला में डेंगू से वर्ष 2017 से वर्ष 2023 के बीच एक भी मृत्यु नहीं हुई है।
