आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)19 जून।ब्रह्मपुर शिवशक्ति पीठम् गौरी शंकर विवाह महोत्सव आश्रम के परिसर मे ब्रह्मपुर महोत्सव पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेन्द्र तिवारी
के संयोजकत्व में कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम व सम्मान समारोह भव्यता के साथ संपन्न हो गया। आयोजन जेष्ठ शिवरात्रि से प्रारंभ होकर जेष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी को संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पदसे बोलते हूए डांँ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति डांँ.पी.एस.पान्डेय ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन व्यवहार मे अध्यात्म एवं विज्ञापन का समन्वय आवश्यक है।संस्कार के बिना शिक्षा अधूरी है।
संस्थापक सह आयोजक पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेन्द्र तिवारी ने कहा ब्रह्मपुर अवस्थित बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ की स्थापना स्वयं ब्रह्माजी ने की थी।दुनिया का प्रथम यह ब्रह्मलिंग है जो हर मनोकामना को पूरा करता है। ब्रह्मपुर महोत्सव के अन्तिम दिवस पर प्रक्षेत्र के वैसे महानुभावों को सम्मानित किया जाता है जिनका योगदान शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य,कृषि, बागवानी, पशुपालन, कुटीर उद्योग, पर्यावरण, अध्यात्म, विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण रहता है। इस.दृष्टि से इस वर्ष डांँ. पी.एस.पान्डेय(कृषि बागवानी,,)प्रो. श्याम जी मिश्र(विज्ञान),प्रो.गंगेश्वर पान्डेय समाज सेवा), भानुप्रताप सिंह (देशभक्ति कविता),रत्नेश राही(भोजपुरी कविता),विनोद मिश्र कैमूरी(जलसंरक्षण),डांँ. पवननंदन केसरी(लघुकथा,),रमेश कुमार सुदामा व उनकी टीम(पर्यावरण),श्रीभगवान तिवारी (संस्कृति)कमलदेव ओझा (ग्राम्यशील)आचार्य शिवजी पान्डेय(याज्ञिक),ओंकार पान्डेय(शिक्षा),हृदयनारायण हेहर(हास्य),रामनिवास वर्मा शिशिर(छाया विद,)रामेश्वर प्रसाद वरिष्ठ अधिवक्ता(विधि सेवा)महंथ मनोजबाबा (अध्यात्म),महेश्वर ओझा महेश,मिथिलेश पान्डेय, वासुकी नाथ (पारंपरिक गीत),भूदल मिश्र वरिष्ठ नागरिक आदि को सम्मानित किया गया।
संस्थापक सह आयोजक पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेन्द्र तिवारी द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र मे सत्र 2024 के विशेष योगदान करने वाले डा दिनेश प्रसाद सिन्हा , जय मंगल पांडेय और दिनेश ओझा को सारस्वत कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित किया गया।
देर रात तक विविध रस की कविता का पाठ होता रहा ,श्रोता झूमते रहे।ब्रह्मपुर प्रक्षेत्र की प्रमुख गायकी की भी झांकी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गयीं।
ब्रह्मपुर महोत्सव उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता आचार्य धर्मेन्द्र व संचालन डांँ. रमेश उपाध्याय व स्वागत डांँ. सी.एस.पान्डेय ने की जब की धन्यवाद ज्ञापन डा.आर्यकुमार गुप्ता ने की।। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता रामेश्वर नाथ विहान ने की जबकि संचालन कवि रत्नेश राही और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के संयोजक ई.ए.के.तिवारी ने की।
