RKTVNEWS/पटना ( बिहार)15 मई। यह मोदी जी का अंतिम चुनाव साबित होने जा रहा है के राजनितिक बयानों को प्रसारित करते हुए राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा है की देश में अब तक तेरह प्रधानमंत्री हो चुके हैं. मोदी जी चौदहवें प्रधानमंत्री हैं. लेकिन मोदी जी जैसा बोलने वाला प्रधानमंत्री अब तक नहीं हुआ है. दिन रात बोलते रहते हैं. लेकिन उनके बोलने का लोगों के दुख तकलीफ़ से कोई वास्ता नहीं दिखता है।
न खाऊँगा न खाने दूँगा. इस नारा के साथ इन्होंने अपनी कुर्सी सँभाली थी. लेकिन लग गए भ्रष्टाचार के नए नए रास्ते ईजाद करने में, जिनकी कल्पना भी इसके पहले नहीं की गई थी. इलेक्टोरल बॉन्ड जिसको हम चुनावी बॉन्ड भी कह सकते हैं इसका एक नायाब नमूना है. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रणाली को अवैध घोषित करते हुए कहा कि इस तरीक़े से किस पार्टी को कितना पैसा मिला यह सार्वजनिक किया जाए. भाजपा को इस रास्ते साठ हज़ार करोड़ रूपये मिले. अन्य पार्टियों को भी रूपये मिले. लेकिन भाजपा के मुक़ाबले वे पासंग में नहीं ठहरते हैं।
मोदी जी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यालय सहित सभी ज़िलों में भाजपा का कार्यालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया. देश के अधिकांश ज़िलों में कार्यालय बन चुके हैं. यह योजना लगभग साठ हज़ार करोड़ रूपये की थी.
मोदी जी ने अपनी पार्टी के लिए तो स्थाई इंतज़ाम कर लिया लेकिन देश की जनता के लिए इंतज़ाम करना भूल गए. जनता के हिस्से में केवल मोदी जी का भाषण आया. अभी के चुनाव अभियान में लोगों से जुड़े किसी भी मुद्दे को उन्होंने नहीं छुआ है. दस वर्षों की मोदी सरकार बग़ैर लक्ष्य के भटकती रही. विरोधी दलों को लगातार उन्होंने ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स के निशाने पर रखा. सिर्फ़ कांग्रेस मुक्त भारत ही नहीं बल्कि प्रतिपक्ष मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ही वे सक्रिय रहे. पर भले ही विरोधी दल साधन के मामले में उनके सामने नहीं टिकते हों, पर जब जब इस देश पर या लोकतंत्र पर ख़तरा दिखाई दिया है जनता ने विरोध की कमान सँभाल लोकतंत्र को बचाया है. आज जनता ही मोदी सरकार के विरूद्ध खड़ी है. देश की एकता को खंडित करने वाली ताक़तों को पराजित करना लोगों ने अपना लक्ष्य बना लिया है. इसलिए यह चुनाव मोदी जी के लिए अंतिम चुनाव साबित होने वाला है।

