बाबू कुंवर सिंह अपराजेय योद्धा थे:पूर्व प्राचार्य प्रो गांधी जी राय
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 अप्रैल। 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह की जयंती को राष्ट्रीय कुंवर सेना के तत्वावधान में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समिति द्वारा वीर कुंवर सिंह पार्क के प्रांगण में समारोह पूर्वक श्री निर्मल सिंह शकरवार की अध्यक्षता में मनाया गया । कार्यक्रम का संचालन राजगुरु राष्ट्रिय कुंवर सेनानी शशि त्रिपाठी एवं वरीय अधिवक्ता भाई अरुणेश सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रातः 4:00 बजे प्रभात फेरी 9:00 बजे वीर कुंवर सिंह पार्क में कुंवर सिंह की स्थापित आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और 10 बजे सभा मंच पर मंगलाचरण द्वीप प्रज्वलन करके सभा का उद्धघाटन राष्ट्रिय कुंवर सेना के संस्थापक वीर शहीद सर्वेश्वर पाण्डेय के सुपुत्र मनीष पाण्डेय पूर्व पाचार्य लेखक विद्यवान गांधी जी राय, पूर्व विधायक जे पी सेनानी, समाजवादी नेता रमाकांत ठाकुर, डा ममता मिश्रा,अशोक कुमार सिंह ,अधिवक्ता मनोज सिंह, क्षत्रिय नेता राजकुमार सिंह , प्रीं – पी एन तोमर एवं डा० रघुवर प्रसाद एवं युवा नेता मंटू सिंह द्वारा संयुक्त रुप से किया गया।धन्यवाद ज्ञापन ठाकुर राज किशोर सिंह महामंत्री राष्ट्रीय कुंवर सेना, पद महा सचिव बरमेश्वर सिंह द्वारा किया गया। डा० गांधी जी राय ने अपने वक्तव्य मे बाबू वीर कुंवर सिंह के त्याग बलिदान एवं देश भक्ति पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। प्रो राय ने बाबू कुंवर सिंह के अदम्य उत्साह,अंग्रेजों के विरुद्ध कुशल छापामार युद्ध,उनकी घुड़सवारी और तलवारबाजी के सामने अंग्रेजों के हजारों हजारों सैनिकों को मुंह की खानी पड़ी। 1857 का स्वतंत्रता आंदोलन बाबू कुंवर सिंह के वीरता त्याग और कुर्बानी का अमर संदेश देता है। सर्वप्रथम बाबू कुंवर सिंह ने आरा हाउस पर कब्जा कर अपना झंडा लहराया इसके बाद जगदीशपुर रियासत को स्वतंत्र बनाया और अंत में गोली लगने के कारण अपने दुषित बाह को काटकर गंगा मां को समर्पित करते हुए अपने घर में आकर स्वतंत्र भारत का झंडा लहराया और अंतिम सांस ली।
अध्यक्ष निर्मल सिंह शकरवार ने कहा की एकता एवं अखंडता को कायम करने के लिए वीर बकुड़ा बाबू कुंवर सिंह के ऐतिहासिक परंपरा एवं संस्कृति को कायम करके ही किया जा सकता है ।मनीष पांडे ने अपने सम्बोधन में कहा की आज का दिन संकल्प लेने का है सर्वेश्वर पांडे जी एवं शहीद राजनाथ सिंह एवं कामरेड रफीक अहमद नेताजी साहब के संघर्ष के अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प लिया गया।आरा को शाहाबाद प्रमंडल,आरा छपरा के बीच गंगा नदी में रेल पुल एवं रेलवे लाइन के बनाने के कार्य एवं निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित लोगों में डा० कुमार शीलभद्र , अवधेश पांडे अशोक कुमार पांडे प्रयाग यादव वार्ड परिषद कोमाराम बहादुर पांडे यशोदा कुमार रमाशंकर पांडे न चौधरी और प्रधान देवनाथ निषाद, कलावती देवी ,अमरदीप कुमार, समाजसेवी बृजेश कुमार संत, रविंद्र कुमार रजक, उमाशंकर ओझा, महंत सिंह मुखिया ,अरुण कुमार सिंह विजय यादव, प्रोफेसर लाल बाबू सिंह ,योग मानी कुलभूषण श्रीवास्तव ,लव कुमार सिंह कमलेश सिंह ,बाबू शिवदास सिंह विरमानी सिंह ,भोला सिंह, टुनटुन सिंह ,ठाकुर अभिनव सिंह , वीर कुंवर युवराज सिंह, विकास सिंह राजपूत, बाबू कमल राज सिंह, बाबू सोनू सिंह टाइगर थे।


बाबू कुंवर सिंह अपराजेय योद्धा थे:पूर्व प्राचार्य प्रो गांधी जी राय