शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 10 अप्रैल। भोजपुर जिला के शाहपुर नगर पंचायत मे होमियोपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ सैमुअल हैनीमैन की जयंती हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मनाई गई। इस अवसर पर होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अक्षयवर ओझा के बड़ी मठिया, शाहपुर स्थित जर्मन होम्योपैथिक क्लीनिक में नि:शुल्क जाँच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आये गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद रोगियों की जाँच कर नि:शुल्क दवा दी गई। इस अवसर पर डॉ अक्षयवर ओझा ने कहा कि पूरा विश्व होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ सैमुअल हैनीमैन का कृतज्ञ है। डॉ सैमुअल हैनीमैन ने एक ऐसी चिकित्सा पद्धति का आविष्कार किया जिसमे कम खर्च में बीमारी का उपचार किया जा सकता है। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में हर तरह की बीमारी का उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि इस पद्धति में बीमारी को जड़ से खतम किया जा सकता है और होम्योपैथिक दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में लक्षण के आधार पर चिकित्सा की जाती है। इसकी दवा सस्ती और सुलभ है। कम खर्च में ही बीमारी को ठीक किया जा सकता है। शाहपुर-बनाही सङक स्थित न्यू जर्मन होम्योपैथिक क्लिनिक मे डॉ रवि भूषण ओझा ने कहा कि डॉ सैमुअल हैनीमैन का जन्म 10 अप्रैल 1755 को मिशेन सैक्सोनी, जर्मनी में हुआ था तथा उनकी मृत्यु 2 जुलाई 1843 को पेरिस, फ्रांस में हुई थी।
डा सैमुअल हैनीमैन यूरोप के जर्मनी के निवासी थे और एक एलोपैथिक चिकित्सक थे। उन्होंने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथिक दवा की खोज की। उन्हें होम्योपैथिक चिकित्सा का जन्मदाता और जनक कहा जाता है। डॉ सैमुअल हैनीमैन एमडी डिग्री प्राप्त एलोपैथिक चिकित्सक होने के साथ-साथ कई यूरोपीय भाषाओं के ज्ञाता भी थे। चिकित्सा और रसायन विज्ञान का कार्य करने के साथ-साथ वे अंग्रेजी भाषा के ग्रंथों का अनुवाद जर्मन और अन्य भाषाओं में करते थे। इस अवसर पर डॉ अक्षयवर ओझा, डॉ रवि भूषण ओझा, डॉ अजय ओझा, मंटू दूबे, पिंटू पांडे, हरेराम लाल, डॉ पंकज कुमार ओझा, अरविंद गुप्ता, कामेश्वर प्रिय, आशीष कुमार, विकास कुमार, बबलू , विनोद यादव, टुनटुन पासवान, उपेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।




