RKTV NEWS/पटना (बिहार)09 मार्च।आजादी के 76 साल बाद भी संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार गरीब महिलाओं के लिए बेमानी हैं और सम्मानजनक जीवन का अधिकार अर्थहीन है। उनकी स्थिति में सुधार करना समाज की जिम्मेदारी ही नहीं सरकार का भी कर्तव्य भी है ये बातें आरटीआई कार्यकर्ता सह ऑल इंडिया अभिभावक संघ अध्यक्ष ने दानापुर के अंबेडकर भवन में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर प्राथमिकता के साथ मिले इस बात पर जोर देते हुए रॉय ने कहा कि आप सब किसी भी परिस्थिति में अपने बेटी को पढ़ाए और उनको अपने पैरों पर खड़ा होकर अपनी खुद की पहचाना बनाने दें। बाल विवाह तो किसी हालत में ना करें। उन्होंने कहा की जितनी ज्यादा महिलाएं सशक्त होंगी उतना ही हमारा समाज और देश मजबूत होगा। क्योंकि शिक्षित नारी शिक्षित समाज इसी से होगा देश विकास।
