RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

नयी दौड़ नयी सोच।

रचनाकार:अजय गुप्ता” अज्ञानी “

नयी दौड़ नयी सोच।

करूणा संवेदना का जगह ना हीं।
आत्मा हुआ पठेरा रे।
प़र निकला परिंदे निकले।
माया मोह बस ठगेरा रे।
काहे खोजत प्रेम अजय,
यें जग काँटो का डेरा रे।
फूल खिले ढाई दिन रहें,
पंखुरी दल सब बिखेरा रे।
काम आए कामू टोहे,
निकसे काम कौन संजोया रे।
यह दुनिया फायदा की मारी,
बिन फायदा सब पठेरा रे।
ठग ठगेरा करत रहत,
जग जन सब भयो पुजेरा रे।
मानव हृदय दुखियारा मारा,
मरा हृदय बना पुजेरा रे।
प्रेम पूजा धोखा सब प्यारे,
है जीवन का सब बखेरा रे।
जीवन पंक्षी उड़ चला,
फूका पिंजर कौन पुछेरा रें।
बढ़ता को जग बाढे,
रुका जीवन जस बिषेरा रें।
नयन बरसे देख लाभ हान,
छूछा को कौन पुछेरा रे।
बन लावारिस जग मुआ,
मानुस-मानुस का सब फेरा रें।
बिन फायदा कऊं काम के,
बिन फायदा सब पठेरा रे।
बिन फायदा—–।

Related posts

डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना – चंद्रयान-3 विश्व के लिए एक नए चन्द्रमा के द्वार खोलेगा।

rktvnews

राष्ट्रपति ने केएलई कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया।

rktvnews

मध्यप्रदेश:प्रेस क्‍लब सिवनी ने पेश की मिसाल।

rktvnews

भोजपुर:मोदी काल महिलाओं के लिए आफत का काल हुआ साबित : मीना तिवारी, ऐपवा महासचिव

rktvnews

गढ़वा:77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गढ़वा में गरिमामय झंडोत्तोलन समारोह आयोजित।

rktvnews

मध्यप्रदेश:प्रदेश में हर तीसरे दिन उद्योग जगत को नई सौगात और युवाओं को मिल रहे हैं रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

rktvnews

Leave a Comment