RKTVNEWS/सीतामढ़ी ( बिहार) 02 मार्च।उड़ान परियोजना अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम, यूनिसेफ, प्रथम संस्था और जिला विधिक सेवा प्राधिकार सीतामढ़ी के सहयोग से संयुक्त एडीआर भवन लोक अदालत सीतामढ़ी मे पैरा-लीगल स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण –सह- उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनीष कुमार शाही द्वारा बताया गया बच्चों का सर्वोत्तम हित सबसे महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डीपीओ आईसीडीएस कंचन कुमारी गिरी, रीगा सीडीपीओ सरिता कुमारी और प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्मुखीकरण का मुख्य उदेश्य बाल संरक्षण और बच्चों के अधिकार पर केंद्रित रहा | प्रशिक्षण में डीपीओ आईसीडीएस कंचन कुमारी गिरी ने उपस्थित प्रतिभागी को बताया कि बाल अधिकारों के प्रति सामुदायिक जागरूकता एवं चेतना पैदा करना बच्चों के हित में माता-पिता एवं समुदाय के व्यवहार में बदलाव को बढ़ावा देना, समुदाय में बाल अधिकारों के हनन के मामले में रिपोर्टिंग करना मुख्य उद्देश्य है। श्रीमती गिरी ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पॉक्सो पर चर्चा करते हुए बताया कि यौन शोषण के विरुद्घ बातों को सहे नही, कह सके। बच्चे का आत्मविश्वास हमेशा बढ़ाते रहे ।
बच्चों के अधिकार हनन या शोषण की शिकायत, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098, 181 या 112 टॉल फ्री नंबर पर करें। प्रशिक्षक के रूप में प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार द्वारा विस्तार से बाल अधिकार, बच्चे की कानूनी परिभाषा, पॉक्सो अधिनियम पर चर्चा कर समझ विकसित की गई। श्री कुमार ने बताया इस प्रशिक्षण में प्रखंड परिहार, सुरसंड, परसौनी और डुमरा के पारा विधिक स्वयंसेवक शामिल है। मौके पर प्रथम संस्था के बिरेन्द्र कुमार, कुशल युवा कार्यक्रम के मंटू कुमार, रणधीर कुमार, पारा लीगल स्वयंसेवक मो सनाउल्लाह, गंगाधर प्रसाद यादव, पिंटू कुमार, कुमारी रानी, मीरा देवी, जय किशोर राम, संजीव कुमार, हीरा कुमार, हेमंत कुमार, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
