
नारनौल/महेंद्रगढ़ 28 फरवरी। प्रधानमंत्री रोजगार सजृन कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं को स्वरोजगार देकर स्वालंबी बनाना है। इस योजना के तहत युवा उद्योग लगाने के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। इसमें लाभार्थी को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। अधिकारी अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें आसानी से लोन दिलाएं। यह निर्देश उपायुक्त मोनिका गुप्ता (आईएएस) ने बुधवार को लघु सचिवालय में प्रधानमंत्री रोजगार सजृन कार्यक्रम के संबंध में अधिकारियों की बैठक में दिए।
डीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सजृन कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवा स्वरोजगार की तरफ मोड़ना है। प्रधानमंत्री का सपना है कि युवा स्वरोजगार अपनाकर स्वालंबी बनकर देश के विकास में अपना योगदान दें। इसी उद्देश्य को लेकर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत लघु उद्योग लगाने के लिए सभी बैंक जल्द से जल्द लोन पास करवाएं।
इस मौके पर जिला एमएसएमई केंद्र के उपनिदेशक संदीप ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएमईजीपी स्कीम के तहत उद्योग लगाने के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। इसमें लाभार्थी को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई स्कीम के तहत प्रार्थी अपना फूड प्रोसेसिंग से सम्बन्धित उद्योग लगाने एवं पहले से चले आ रहे उद्यम को बढ़ाने के लिए अधिकतम एक करोड रुपए तक का ऋण ले सकता है। इसमें सब्सिडी की राशि या अधिकतम 10 लाख रुपए तक का प्रावधान है। इस स्कीम के तहत कोई भी उद्यमी बेकरी, ऑयल मिल, मसाले उद्योग, आइसक्रीम आदि का उद्योग स्थापित कर सकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा, जिला परिषद सीईओ मनोज कुमार, बीडीपीओ रेणुलता, जिला उद्यान अधिकारी प्रेम कुमार, डीडीए देवेन्द्र सिंह, एलडीएम विजय सिंह, पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की निदेशिका श्वेता गुप्ता, डीएफएम ईश्वर सिंह, डीआरडीए से गोविंद राम, डीएम पवन कुमार, निशा बत्रा, अजय यादव व जय कुमार, सुदर्शन व भूपेन्द्र सिंह मौजूद थे।
